उरई (जालौन)। पड़ोसी की गोली मारकर हत्या करने और दूसरे पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमले के चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अपर जिला जज अंजू राजपूत की कोर्ट ने इन चारों को गुरुवार को दोषियों करार देकर शुक्रवार को सजा सुनाई। हर दोषी पर एक लाख 65 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
शासकीय अधिवक्ता हृदेश पांडे ने बताया कि रामपुरा थाना क्षेत्र के सुल्तानपुरा गांव निवासी दीपराज ने आठ मई 2012 को रामपुरा पुलिस को तहरीर दी। बताया था कि उसके पिता सुखवीर सिंह और बाबा शत्रुघ्न सिंह खेत पर थे। तभी पड़ोसी मुनेश बालू से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर खेत से निकलने लगा। जब उसके पिता और बाबा ने विरोध किया तो मुनेश उस वक्त वहां से घर चला गया।
शाम को घर पर उसके पिता और बाबा जब खाना खा रहे थे, तभी मुनेश, जितेंद्र, महेश व ज्ञानसिंह घर में घुस आए। इसके बाद पिता और बाबा को घर से बाहर ले जाकर मारपीट करने लगे। आरोपियों ने तमंचे से गोली मारकर पिता सुखवीर की हत्या कर दी और बाबा ज्ञानसिंह को कुल्हाड़ी से वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
पुलिस ने पुत्र की तहरीर के आधार घर में घुसकर मारपीट, हत्या व हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज की थी। सर्विलांस, एसओजी टीम और रामपुरा थाना पुलिस ने 28 मई 2012 को चारों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त तमंचा और कुल्हाड़ी बरामद कर जेल भेज दिया था। दोष साबित होने पर अदालत ने चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।