उरई। विद्युत सब स्टेशन के जेई समेत स्टाफ की बड़ी लापरवाही सामने आई है। उरई समेत चार सब स्टेशनों में तेल कम होने के बावजूद पांच एमवीए के ट्रांसफार्मर से सप्लाई दी जा रही थी।
मेंटेनेंस निरीक्षण टीम ने जब जांच की तो बड़ी लापरवाही समाने आई। यही नहीं कुछ ट्रांसफार्मर के आसपास सूखी घास थी, जबकि कई जगह सुरक्षा जाली भी नहीं थी। चारों पावर हाउस के जिम्मेदारों को फटकार लगाई गई।
बिजली विभाग का मरम्मत अभियान चल रहा है। प्रथम डिवीजन के अधिशासी अभियंता राधेश्याम यादव ने 11 बिजली घरों का निरीक्षण किया। इसमें राहिया, कालपी बस स्टैंड, कोंच नाका, सुशील नगर, करमेर रोड, कोंच प्रथम, कोंच द्वितीय व आटा में ट्रांसफार्मरों की स्थिति को जांचा गया। कोंच, आटा व उरई के ट्रांसफार्मर में तेल कम था। इसके बावजूद उससे ट्रांसफार्मर से सप्लाई दी जा रही थी। ट्रांसफार्मर बिना सुरक्षा जाली के थे। कई जगह गंदगी भी मिली।
वहीं, अधिशासी अभियंता द्वितीय महेंद्र नाथ भारती ने जालौन, उसरगांव व कालपी विद्युत सब स्टेशन का निरीक्षण किया। यहां उसरगांव के ट्रांसफार्मर में तेल कम मिला। कर्मचारियों से तुरंत तेल डलवाया गया। ट्रांसफार्मर के आसपास सूखी घास थी। चिंगारी से कभी भी आग लग सकती है। साफ करवाकर आसपास जाली लगाने को कहा। परीक्षण खंड के अधिशासी अभियंता धर्मेश रंजन गुप्ता, एसडीओ आदर्श राज, जेई जितेंद्र वर्मा व शिविर सहायक सरजुल हसन आदि मौजूद रहे।
अधिशासी अभियंता राधेश्याम यादव के अनुसार सब स्टेशनों के पांच एमवीए की क्षमता वाले ट्रांसफार्मर से 20 से 25 गांवों को सप्लाई हो सकती है। 20 से 25 हजार की आबादी को सप्लाई होती है। तेल की कमी से ट्रांसफार्मर हीट करता है और उसमें आग लगने का खतरा हो सकता है। इससे सप्लाई तो फौरन बंद होगी ही, साथ ही बड़े हादसे और बड़े नुकसान की आशंका रहती है।
अभियान के दौरान लापरवाही सामने आने के बाद अब हर छोटे-बड़े ट्रांसफार्मर की टेस्टिंग को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं। किसी में भी तेल कम मिला या असुरक्षित मिला तो सख्त कार्रवाई को कहा गया है। इसके साथ ही जर्जर तारों को भी बदला जाएगा।
उसरगांव सब स्टेशन में अग्निशमन यंत्र भी अनफिट मिले। इस पर जेई को डांट लगाते हुए सुधार के निर्देश दिए। जिले के सभी सब स्टेशनों के प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वे इस तरह की लापरवाही करते मिलते हैं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।