उरई। तीन माह पहले एक मकान में चिटफंड कंपनी खोलकर कुछ लोगों ने महिलाओं को ऋण देने का लालच देकर रुपये कराए। अब न तो कंपनी का पता है और न ही कर्मचारियों का। सोमवार को पीड़ितों ने हंगामा करते हुए पुलिस से शिकायत की। सीओ ने मामले की जांच कर आरोपियों पर कार्रवाई करने की बात कही है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बघौरा में सरस्वती विद्यालय के बगल में एक तिमंजिले मकान में ग्रो प्राइम माइक्रो एसोसिएशन नाम से तीन महीने पहले चिटफंड कंपनी खुली थी। कंपनी ने मकान मालिक से एक साल का एग्रीमेंट भी किया था। उसमें काम करने वाले 20 महिला व पुरुष कर्मचारी रोजाना लोगों के घर-घर जाकर समूह से होने वाले फायदे बताकर महिलाओं का निवेश समूह में कराते थे।
इसमें शहर की करीब 500 से अधिक महिलाओं ने 10-10 हजार रुपये जमा किए थे। इसके अलावा उनसे 500-500 रुपये फाइल चार्ज के लिए गए थे। कर्मियों ने उनके फिंगर स्कैन कराकर खाते भी खुलवाए थे और उनके मोबाइल नंबर पर रोजाना खातों का अपडेट मैसेज भी भेजा जाता था। लेकिन कुछ दिन पहले कंपनी व कर्मचारी वहां से अचानक कहीं भाग गए।
जब उनका पता लगाया गया तो कोई जानकारी नहीं हुई। समूह बनाने बाली पूनम, सुशीला, सोमवती, अर्चना, मधुलता ने बताया कि उन्होंने पैसा जमा किया था, प्रत्येक महिला से 10-10 हजार रुपये जमा कराकर उन महिलाओं को दो महीने में एक-एक लाख रुपये ऋण देने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन सोमवार की सुबह आकर देखा तो पूरा स्टाफ व सामान गायब था। सीओ गिरजाशंकर त्रिपाठी ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।