उरई। शासन द्वारा राशन वितरण को निष्पक्ष बनाने के लाख प्रयासों के बावजूद कोटेदार घटतौली की नई तरकीब खोज रहे हैं। वितरण में पादिर्शिता लाने के लिए जब मशीन से वितरण होने लगा तो कोटेदारों ने बाल्टी से राशन देना शुरू कर दिया। जिस वजह से उपभोक्ताओं को पूरा राशन नहीं मिल रहा है।
राशन चोरी रोकने के लिए शासन ने सभी कोटेदारों को ई-पॉस मशीनें दी हैं। अक्सर उसका सर्वर नहीं आता है। जब भी सर्वर नहीं आता, तब कोटेदारों नये तरीके से राशन देते हैं। शहर में जब पड़ताल की गई तो कोटेदार बाल्टी में भरकर राशन दे रहे हैं। इससे चार किलो राशन में 400 ग्राम से 500 ग्राम तक राशन कम दे रहे हैं।
केस-1
फोटो- 01 मैकेनिक नगर में प्लास्टिक की बाल्टी से राशन देता कोटेदार। संवाद
मैकेनिक नगर में कोमल गुप्ता के कोटे पर राशन लेने पहुंचे कमलेश, सीमा, इमरान ने बताया कि तीन दिन राशन नहीं दिया गया। जब दिया गया तो बाल्टी में भरकर राशन दिया गया। इसमें बाल्टी का वजन ही 400 ग्राम है। उसको भी राशन के साथ तौला जा रहा है। जबकि वह स्वयं के झोले और बोरी लेकर पहुंच रहे हैं।
केस-2
फोटो- 02 ठडेश्वरी मंदिर के पास लौहे की बाल्टी में भरकर राशन देता कोटेदार।संवाद
ठडेश्वरी मंदिर के बगल में श्री प्रकाश के कोटे पर राशन लेने पहुंचे विमला सोनी, राकेश, रियाज, सुरेश, शमीम ने बताया कि मशीन से तौलकर राशन जरूर मिल रहा है। हर राशन में आधा किलो से एक किलो कम दे रहे हैं। लोहे की बाल्टी से राशन तौला जा रहा है। उसका वजन भी राशन में आ रहा है।
वर्जन-
इस बात की जानकारी आई है। अगर इस प्रकार की चोरी हो रही है। कार्रवाई की जाएगी। - अनूप तिवारी, पूर्ति अधिकारी, जालौन