उरई। सुपारी देकर अपहरण के बाद बुजुर्ग की हत्या के मामले में इनाम घोषित करने के एक माह बाद भी पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। परिजनों में पुलिस के प्रति खासा रोष है। परिजनों का कहना है कि पुलिस के ढुलमुल रवैये की वजह से हत्यारोपी अब तक नहीं पकड़े जा सके हैं।
डकोर कोतवाली व कस्बा निवासी समरजीत सिंह ने 26 फरवरी को थाना पुलिस को तहरीर देते हुए बताया था कि उसके पिता प्रेमबाबू का अपहरण कर लिया गया है। पुलिस ने पहले टरकाया लेकिन जब इंद्रजीत ने पिता की हत्या की आंशका जताई तो पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर बुजुर्ग की तलाश शुरू की थी। पुलिस ने जालौन निवासी ऑटो चालक व तीन अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पता चला कि प्रेमबाबू के साझीदार फूल सिंह व शत्रुघ्न ने फिरौती देकर प्रेमबाबू का अपहरण कराया था। इसके बाद 6 मार्च को तीनों ने चाकू से बुजुर्ग की हत्या कर शव यमुना किनारे स्थित नाले में फेंक दिया था। पुलिस ने मुठभेड़ में तीनों अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया था। हत्या की सुपारी देने वाले, साझीदार फूलसिंह व शत्रुघ्न को पुलिस एक माह बाद भी नहीं पकड़ पाई है। डकोर थानाध्यक्ष योगेंद्र कुमार का कहना है कि दोनों की तलाश की जा रही है जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अपहरण के आरोपी साझेदार फूल सिंह व शत्रुघ्न पर 25 - 25 हजार का इनाम भी घोषित है। हत्या के दो दिन बाद पुलिस को दोनों की लोकेशन हरियाणा में मिली थी।