उरई। अपर जिला जज प्रथम शिवकुमार ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व एडीजे राजीव सरन एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक खरे के साथ राठ रोड में संचालित वृद्धाश्रम एवं लहरियापुरवा मोहल्ले में संचालित आश्रयगृह का भी औचक निरीक्षण किया। लहरियापुरवा में एनजीओ द्वारा संचालित आश्रय गृह में गंदगी व फटी चादरें देखकर अधिकारी भड़क गए।
शुक्रवार को न्यायिक अधिकारियों ने राठ रोड में संचालित वृद्धाश्रम एवं लहरियापुरवा मोहल्ले में संचालित आश्रयगृह में रहन-सहन, खानपान, चिकित्सा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा और बुनियादी व्यवस्थाओं की जांच की। लहरियापुरवा में एनजीओ द्वारा संचालित आश्रय गृह में निरीक्षण के वक्त कोई भी कर्मचारी उपस्थित नहीं मिला। कमरों में गंदगी और चादरें फटी थीं। साथ ही कई जगह कचरे का ढेर लगा मिला। इस संबंध में ईओ को नोटिस जारी करने के लिए निर्देशित किया गया।
इसके बाद वृद्धाश्रम में निरीक्षण के दौरान 98 संवासी उपस्थित मिले। संवासियों को मिलने वाले मेन्यू चार्ट को क्रॉस चेक भी किया गया। वृद्धाश्रम की मेडिकल डिस्पेंसरी का निरीक्षण करने पर स्टाफ नर्स उपस्थित थीं।
वहीं, एडीजे व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राजीव सरन ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट परिसर में संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर व जिला कारागार का भी निरीक्षण किया। वन स्टाप सेंटर की प्रबंधिका ने बताया कि सेंटर में इस समय दो पीड़िताएं हैं। जिसमें एक पीड़िता मौके पर मिली, जबकि दूसरी चिकित्सीय परीक्षण के लिए ले जाई गई थी। इसके बाद जिला कारागार का निरीक्षण कर बंदियों से उनकी समस्याओं के बारे में पूछा गया। बंदियों ने कोई समस्या नहीं बताई। जेल में नियुक्त पैरालीगल वालेंटियर को बंदियों को निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया।