कालपी। यमुना का जलस्तर शुक्रवार को खतरे के निशान से साढ़े चार मीटर ऊपर पहुंच गया। कालपी के आधा दर्जन मोहल्ले, कागज की फैक्टरी, कुठौंद के एक गर्जन गांव यमुना के पानी में डूब गए। घरों में फंसे लोगों को नावों के सहारे सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। जालौन-औरेया स्टेट हाईवे पर जलभराव हो गया है।
केंद्रीय जल आयोग के स्थल प्रभारी रूपेश कुमार ने बताया कि यमुना का खतरे का निशान 108 मीटर है। शुक्रवार की शाम जलस्तर 112.25 मीटर पार कर गया है। कालपी के आलमपुर, तरीबुल्दा, रामगंज, कागजीपुरा समेत आधा दर्जन मोहल्ले जलमग्न हो गए हैं। घरों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। नसीम की कागज की फैक्टरी डूबने से लाखों का नुकसान हुआ है।
एसडीएम अंकुर कौशिक ने प्रभावित लोगों को राहत सामग्री पहुंचाई। कुठौंद प्रतिनिधि के मुताबिक एक दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। जालौन-औरेया स्टेट हाईवे पर नैना पुर के पास पानी पहुंच गया है।
बिजुआपुर गांव में नाव चलानी पड़ रही है। लोगों ने मकान खाली कर तंबुओं में शरण ली है। प्रधान गोविंद पाल ने बताया गांव पानी से घिरा हुआ है। टिकरी में एक सैकड़ा घर बाढ़ से प्रभावित हैं। भदेख, करमुखा, लोहई, हिंनोली, खेड़ा, मुस्तकिल के घरों में पानी घुस गया है।
-
सिंध व पहूज नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण कई गांव जलमग्न होने की कगार पर हैं। निचले इलाकों में बसे गांव के ग्रामीण अपना घर छोड़कर ऊंचे इलाकों की तरफ पलायन कर रहे हैं। शुक्रवार की सुबह से एसडीआरएफल टीमों ने रेस्क्यू ऑपरेशन जारी कर दिया हैं। नदियापार के गांव डिकौली जागीर, निनावली, कुसेपुरा, जखेता से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
निनावली को छोड़कर किसी भी गांव में कोई सरकारी मदद नहीं पहुंची। कुसेपुरा के ग्रामीणों ने अपना आशियाना एक ऊंचे टीले पर बना लिया है। कुसेपुरा, डिकौली जागीर, किशनपुरा, बिहौड़, जखेता, हुकुमपुरा, जायघा, कर्रा, मुहब्बतपुरा, सुल्तानपुरा, नरौल, चांदनपुरा, भूरे का पुरा, मुल्ले का पुरा, भैलावली, मिर्जापुरा तथा जगम्मनपुर क्षेत्र के हिम्मतपुरा, शिवगंज, कंजौसा, बेरा, भिटौरा, महटौली, पतराही, रुदावली, चंदावली बाढ़ से अत्यधिक प्रभावित हैं। ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह सेंगर व बीडीओ ओमप्रकाश द्विवेदी ने दौरा किया। ग्राम बुढ़ेरा में बीडीओ को ग्रामीणों ने घेर लिया। (संवाद)
बिजुआ पुर गांव में खेतों में लगाएं तंबू- फोटो : ORAI
बिजाआपुर मैं बाहर गांव तिरपाल के नीचे भूखे प्यासे बैठे ग्रामीण- फोटो : ORAI
प्राथमिक विद्यालय मुहब्बतपुरा पानी में डूबा- फोटो : ORAI