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जालौन : वन विभाग ने पालिका की दुकानों पर जताई आपत्ति

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कालपी मे पालिका बाजार - फोटो : ORAI
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कालपी। आलमपुर मोहल्ले में वन विभाग कार्यालय के बाहर नगर पालिका की ओर से बनवाए गए पालिका बाजार के अस्तित्व पर संकट है। अब निर्माण के बाद वन विभाग ने इस जमीन को संरक्षित वन क्षेत्र बताकर अपना दावा ठोंक दिया है। वन विभाग की ओर से नगर पालिका को नोटिस भी जारी किया गया है। अब दोनों विभाग इसको लेकर आमने सामने आ गए हैं।
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दो वर्ष पूर्व नगर पालिका की ओर से इस जमीन पर 30 दुकानों का निर्माण कराया गया था। इसके बाद लाखों रुपये की खुली नीलामी के बाद पालिका ने इन दुकानों का आवंटन किरायदारों को दो हजार रुपये प्रतिमाह पर कर दिया। इसके बाद पालिका ने वन विभाग के मुख्य गेट के बगल में एक छह सीटर शौचालय बनवाया। फिर शौचालय के बाद लगभग दो दर्जन दुकानों का निर्माण शुरू कराया। इन दुकानों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।
पालिका ने इन दुकानों की खुली नीलामी की तिथि 30 सितंबर तय की है ।
वहीं अब वन विभाग के अफसरों ने इस जमीन को रिजर्व फारेस्ट (संरक्षित वन क्षेत्र) बताकर नगर पालिका को नोटिस जारी किया है। इस जमीन पर पौध लगाने के अलावा कुछ भी नहीं किया जा सकता है। वन विभाग ने पालिका प्रशासन से जमीन के दस्तावेज भी मांगे हैं।
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वन अधिकारी बोले, सीज होगा बाजार वन विभाग के डीएफओ जय प्रकाश नारायण तिवारी ने बताया कि रिजर्व फारेस्ट की जगह पर निर्माण हो ही नहीं सकता है। वन विभाग ने पालिका को एनओसी भी जारी नहीं की है। तत्कालीन वन अधिकारियों ने किस आधार पर यहां से पेड़ कटवाकर दुकानें बनवा दीं। इसकी जांच कराकर उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही पालिका बाजार को सीज किया जाएगा।
वन विभाग से भी किया गया था पत्राचार
नगर पालिका अध्यक्ष बैकुंठी देवी का कहना है कि दुकानों का निर्माण प्रशासन की अनुमति से ही किया गया है। स्थानीय प्रशासन ने ही यहां से अतिक्रमण हटवाया था। वन विभाग से भी पत्राचार हुआ था। लेखपाल से लेकर हर अधिकारी की रिपोर्ट लगी है। इसके बाद ही दुकानें बनवाई गईं हैं। मामला डीएम के संज्ञान में है।
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