उर्से कलंदरी को संबोधित करते मौलाना
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कोंच। सागर तालाब स्थित दरगाह आस्ताना-ए-कलंदरिया पर तीन दिवसीय अजीमुश्शान उर्स-ए-कलंदरी के पहले दिन जुमा की नमाज के बाद चादरपोशी और गुलपोशी की गई। उर्स का आगाज नाते रसूल सल्लाहो अलैहे वसल्लम से हाफिज अमन रजा ने किया। सदारत हाजी आरिफ अली शाह व निजामत हाफिज रिजवान ने की। मौलाना ने कहा कि औलिया इकराम ने हमेशा मोहब्बत का पैगाम दिया।
मेहमाने खुशुसी हजरत अल्लामा मौलाना समसुल हक उरई ने कहा कि बुजुर्गों से सच्ची मोहब्बत कर उनके बताए हुए रास्ते पर चलकर दीन की बातों पर अमल करें। मौलाना फरहद हुसैन कादरी ने कहा कि औलिया इकराम ने देश के लिए बहुत कुर्बानियां दीं हैं।
हमें उनकी तालीम पर अमल करना चाहिए। बुजुर्गों को मानने वाला वही है, जो अपने आका नबी की सुन्नतों पर अमल करे। इस मौके पर हाफिज असनाद रजा, हाफिज तालिब दिलशाद रजा मौजूद रहे। उर्स की व्यवस्था नजर अली, अलमोहम्मद राइन, मोहम्मद शरीफ बरकाती, अमन अली ने की।