उरई। झांसी से लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस गुरुवार को साढ़े चार घंटे देरी से आई। इससे इलाज कराने या प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जा रहे यात्रियों को दिक्कतें हुईं। इसे लेकर यात्रियों ने नाराजगी जताई और स्टेशन अधीक्षक से भी शिकायत की।
गुरुवार सुबह झांसी से लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय 7.46 बजे के स्थान पर 12.06 बजे चार घंटा 20 मिनट की देरी से आई। इसके चलते यात्रियों को दिक्कतें हुईं। यह ट्रेन झांसी कानपुर रेलमार्ग की लाइफ लाइन मानी जाती है। छात्र, व्यापारी और मरीज आदि इस ट्रेन से ज्यादा सफर करते हैं। झांसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि लखनऊ से झांसी आने वाली इंटरसिटी देर से पहुंची थी। रखरखाव के चलते ट्रेन गुुरुवार को देरी से रवाना हुई थी। तभी उरई भी देरी से पहुंची।
यात्रियों की जुबानी
फोटो-7-वैभव
शहर के रामनगर निवासी वैभव गुप्ता ने बताया कि उनकी डी 4 कोच में सीट नंबर 97 पर रिजर्वेशन है, वह जेईई मेंस का एग्जाम देने लखनऊ जा रहे हैं। ट्रेन चार घंटे से ज्यादा देरी से चल रही है। शुक्रवार को एग्जाम है, अगर आज एग्जाम होता तो चूक ही जाता।
फोटो-8-सौरभ।
पटेलनगर निवासी सौरभ बहादुर का डी 3 कोच में 97 नंबर सीट पर रिजर्वेशन था, वह भी लखनऊ जा रहे थे। उन्होंने बताया कि लखनऊ से उनकी दिल्ली के लिए ट्रेन है। यह ट्रेन इतनी देरी से आ रही है कि अब उम्मीद नहीं बची है कि उनकी कनेक्टिंग ट्रेन मिल जाएगी।
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प्लेटफार्म बदलने से यात्री परेशान
उरई। पनवेल से गोरखपुर जाने वाली मेमू का प्लेटफार्म बदल दिया। इसके चलते प्लेटफार्म नंबर एक पर खड़े यात्रियों को प्लेटफार्म नंबर एक से दो पर जाने में दिक्कत हुई। कई यात्रियों ने इस पर नाराजगी जताते हुए स्टेशन अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पनवेल से गोरखपुर जाने वाली ट्रेन नंबर 15066 को 10.59 बजे से 11.31 बजे तक रोका गया। इसके मेमू के सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी हुई। (संवाद)
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टिकट वितरण के दौरान महिला यात्रियों ने किया हंगामा
उरई। जालौन निवासी दो महिलाएं उरई से झांसी जा रही थीं, महिलाओं ने ड्यूटी पर तैनात बुकिंग क्लर्क रवि विश्वकर्मा से टिकट मांगा, इस पर बुकिंग क्लर्क ने यह कहकर टिकट देने से इन्कार कर दिया कि उनकी ट्रेन लेट आएगी, फिलहाल दूसरी ट्रेनों के टिकट वितरित हो रहे है। यह बात सुनकर महिलाएं नाराज हो गईं, बोली, आपको टिकट देने में क्या दिक्कत है। इसे लेकर दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया। हंगामे की सूचना पाकर रेल कर्मी भी पहुंच गई और जीआरपी को सूचना दी। महिलाएं क्लर्क के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गई। इस पर जीआरपी थानाध्यक्ष एके सिंह ने लिखित में देने को कहा। इसके बाद उन्होंने स्टेशन अधीक्षक से भी शिकायत की। स्टेशन अधीक्षक एसके खरे ने समझा बुझाकर मामला शांत कराया। (संवाद)