उरई। सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों और मांगें न माने जाने पर रेल कर्मियों ने सांकेतिक भूख हड़ताल की।
नार्थ सेंट्रल रेलवे मेेंस यूनियन (एनसीआरएमयू) ने नारेबाजी करते हुए कहा कि जब तक सरकार कर्मचारियों की समस्याओं के निदान की पहल नहीं करती है, तब तक कर्मचारी शांत नहीं बैठेंगे।
एनसीआरएमयू के शाखा कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल के दौरान शाखा सचिव के.के. त्रिपाठी ने कहा कि पुरानी पेंशन की बहाली पर कई बार शासन स्तर पर आश्वासन दिए गए। इसके बावजूद इसे लागू करने में कोताही बरती जा रही है। कई राज्यों ने पुरानी पेंशन बहाल कर दी है। रेलवे में रिक्त पदों पर भर्तियां की जाएं।
अध्यक्षता कर रहे बीके श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार की नीतियों से निजीकरण बढ़ रहा है। ट्रैकमैन से अतिरिक्त काम कराया जा रहा है। इससे कर्मचारी मानसिक तनाव में रहते हैं। संयुक्त सचिव विजय कुमार, महेंद्र यादव ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण आज भूख हड़ताल को मजबूर होना पड़ा है।
इस दौरान अश्वनी मिश्रा, पानवती, रामशंकर, भरत, संजय रायकवार, नीलेश गुप्ता, अवधेश, जितेंद्र शर्मा, गिरजाशंकर, आशुतोष, त्रिभुवन सिंह, शंकर सिंह, वेदप्रकाश, अरविंद, ज्ञानसिंह आदि मौजूद रहे।