आटा। घर कच्चा है, दीवारें कमजोर हैं, छत नहीं है व पन्नी डाली है।
ऐसी तस्वीरें कदौरा ब्लॉक के आटा थाना क्षेत्र के गांव अकोढ़ी में कई परिवारों के घरों की हैं। खंडहर होते घर में खतरे के बीच वे रहते हैं। सर्दी में रात ठिठुरते हुए कटती है। बरसात में तो सुबह होगी भी या नहीं, यह चिंता सोने नहीं देती। ऐसे पीड़ित परिवारों को आवास का सुख देने के लिए पीएम और मुख्यमंत्री आवास योजना धरातल पर है, लेकिन विभागीय स्तर पर जिस प्रकार से पात्र होने के बावजूद ऐसे परिवारों की अनदेखी कर दी जाती है। उससे योजना का लाभ जरूरतमंद तक न पहुंच पाने की चिंता शासन की भी बढ़ जाती है। पेश है एक रिपोर्ट...
ग्राम अकोढ़ी निवासी पुष्पा पत्नी जगमोहन का घर कच्चा है। बताया कि घर पर खपरैल लगा है। कई बार पीएम आवास योजना के लिए ब्लॉक से लेकर ग्राम प्रधान के ऑफिस के चक्कर काट रहे हैं। पति जगमोहन मजदूरी करते हैं। एक आठ साल का बेटा और 17 साल की बेटी है। भीषण ठंड में रात काटनी मुश्किल हो जाती है। बरसात के दिनों में तो पूरी रात खतरे के साए में बीतती है। बालिग होने के बाद बेटी की शादी करनी है। जमा पूंजी, उसकी शादी के लिए भी कम है। ऐसे में घर नहीं बनवा सकते हैं।
अकोढ़ी निवासी सुषमा देवी ने बताया कि उनके पति साथ नहीं रहते हैं। एक 16 साल की बेटी है। मजदूरी की कमाई से बेटी की शिक्षा और परवरिश के बीच घर का खर्चा भी मुश्किल होता है, घर कच्चा है। बरसात में काफी हिस्सा गिर चुका है। पीएम आवास के लिए आवेदन किया था। उनका नाम सूची में नहीं आया। अभी तक पीएम आवास योजना के पात्र होने के बाद भी लाभ नहीं मिला। अपने घर का सर्वे कराने के लिए ब्लॉक के अधिकारियों से भी कहा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
ग्राम अकोढ़ी निवासी सत्यवती पत्नी संतराम मजदूरी करती हैं। बताया कि कच्चा मकान है। मकान में छत नहीं है, पन्नी डालकर बारिश, ठंडी हवा और धूप से बचते हैं। पीएम आवास योजना के लिए दो बार आवेदन किया। नाम भी पीएम आवास योजना की पात्रता सूची में आया। लेकिन, कुछ प्रभावी लोगों ने सुविधा शुल्क न मिलने के कारण सूची में अपात्र रिपोर्ट लगाकर नाम हटवा दिया। तीन बच्चे हैं, आपदा का डर रहता है। रात काटनी मुश्किल होता है। बरसात में तो मकान खतरे से कम नहीं है।
अकोढ़ी निवासी जमुना ने बताया कि उनके पति बलराम का तीन साल पहले देहांत हो चुका है, घर कच्चा है व दो बच्चे हैं। बच्चे काम करते हैं, जिससे घर का गुजारा होता है। वह अकेली कच्चे मकान में रहतीं हैं। पीएम आवास योजना का लाभ लेने लिए कई बार ग्राम प्रधान से लेकर ब्लॉक स्तर तक आवेदन किया, कई बार चक्कर काटे। कोई सुनवाई नहीं हुई। कभी भी पात्रता सूची में नाम नहीं आया।
कदौरा के खंड विकास अधिकारी एमएल यादव ने बताया कि जिन लोगों को पात्र होने के बाद भी पीएम आवास योजना का लाभ नही मिला है। सचिव से बोलकर उनका सत्यापन करा दिया जाएगा। पीएम आवास योजना की साइड खुलते ही यह कार्यवाही आगे बढ़ा दी जाएगी।