उरई। गर्मी के तेवर और तल्ख हो गए हैं। अप्रैल के तीसरे हफ्ते में ही पारा 42 डिग्री पहुंच चुका है। बुधवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहा। दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा रहा। गर्म हवा के थपेड़ों ने भी लोगों को परेशान किया। बढ़ती गर्मी में डायरिया ने भी पैर पसार लिए हैं। बुधवार को उल्टी, दस्त से पीड़ित 30 मरीज इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचे इनमें से नौ को भर्ती किया गया।
उल्टी दस्त से पीड़ित होने पर राजेंद्रनगर के आकाश गुप्ता (40), राठ रोड निवासी शरद (39), रामनगर निवासी गंगाराम (68), जोल्हूपुर निवासी आशी (2), शांतिनगर निवासी रितुराज (7), हरीपुरा निवासी गोपेश (9), इंदिरानगर निवासी निशा (21), राजेंद्रनगर निवासी फूलन (45), सीता (32), गोपालगंज निवासी कृष्णजानकी (47), शिवपुरी निवासी आशिका (21) को भर्ती कराना पड़ा। चिकित्सक डॉ. तारा शहजानंद का कहना है कि गर्मी में लोगों को खानपान पर विशेष ध्यान रखना होगा।
बढ़ती गर्मी के कारण कक्षा आठ तक के स्कूलों के समय में परिवर्तन किया गया है। बीएसए सचिन कुमार ने बताया कि सभी स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक की कक्षाओं का संचालन सुबह सात से दोपहर 12 बजे तक होगा। यह आदेश सभी परिषदीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त और अन्य बोर्ड के संचालित विद्यालयों पर लागू होगा।
जालौन में गर्मी बढ़ते ही बिजली कटौती का शेड्यूल भी गड़बड़ा गया है। मंगलवार से तापमान में अचानक बढोतरी होने लगी है। तापमान 42 डिग्री तक पहुंचने से बिजली आपूर्ति का रोस्टर गड़बड़ा गया है। मंगलवार व बुधवार को हुई कटौती ने लोगों की रातों की नींद व दिन का सुकून छीन लिया है। विभाग आपूर्ति में बाधा का कारण ट्यूबवेल व घरों की आपूर्ति अलग-अलग करने के लिए मशीन को बता रहे हैं। बिजलीघर में काम होने के कारण नगर की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है।