सात मार्च की रात हुई ओलावृष्टि से काफी फसलें नष्ट हो गई। इससे किसान परेशान है। गुरुवार को किसानों ने जिलाधिकारी से मिलकर निष्पक्ष सर्वे कराने की मांग की है। गुरुवार को महतवानी गांव के किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को अपने क्षेत्र की हकीकत से अवगत कराया है। किसानों ने कहा है कि सहायता राशि समय पर मिले तो राहत मिलेगी।
विकास खंड नदीगांव के महातवानी गांव के किसान ट्रैक्टर से कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां पर सिटी मजिस्ट्रेट पीके सक्सेना को ज्ञापन सौंप कर बताया कि उनके इलाके में ओलावृष्टि से फसलों का 80 से लेकर 95 फीसदी नुकसान हुआ है। सर्वे को निकले कर्मचारी निष्पक्षता से जांच करें तो हकीकत सामने आएगी। किसानों ने कहा कि खेथ में पकी खड़ी मटर व मसूर की फसल के साथ अन्य फसलें भी नष्ट हुई है।
इस विपदा की घड़ी में किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड के कर्जे माफ किए जाए। इसके अलावा बेटियों के विवाह को अनुदान दिया जाए। किसान इस समय भुखमरी की स्थिति में पहुंच रहा है। रवी फसल से जो उम्मीद थी वह भी धरी रह गई है।
किसानों ने कहा कि अब तो पलायन की स्थिति बन रही है। किसान नेता मूलचंद्र निरंजन, रामलखन, जमुनादास, रामहेत, अरविंद कुमार, अखलेश कुमार, विजय सिंह, लल्लू राम किशोर सिंह, रामप्रताप, चंद्रपाल, ठकुरी, गोविंद सिंह, रामप्रकाश, भगवान सिंह, राम खिलौने, गुलाब सिंह, अनिल कुमार आदि किसान मौजूद रहे।