कदौरा। सफलता के लिए मेहनत और हुनर की जरुरत होती है। इस बात का उदाहरण एक किसान का बेटा है। जिसने सौर ऊर्जा का एक प्रोजक्ट बनाया। इसको भारत सरकार ने पेटेंट दिया है। इसके बाद उसके परिजनों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा।
नगर के मोहल्ला बाजार निवासी किसान मनोज गुप्ता के पुत्र शिवांक गुप्ता ने शुरूआती पढ़ाई कस्बा स्थित एक स्कूल से की थी। इसके बाद कानपुर में हाईस्कूल तक पढ़ाई की, इंजीनियर की तैयारी के लिए शिवांक ने कोटा राजस्थान में तैयारी की। 2014 में वह पेट्रोलियम ऑफ देहरादून में पहुंच गया, और वहां शोध करने लगा तभी उसने विद्यालय की ओर से एक सौर ऊर्जा का प्रोजक्ट बनाया। जो न सिर्फ कम जगह पर स्थापित किया जा सकता, बल्कि उसकी लागत भी बहुत कम आती है।
प्रोजेक्ट को 2017 में भारत सरकार को पेटेंट के लिए भेजा गया। करीब छह साल बाद 4 मार्च 2024 को भारत सरकार ने प्रोजेक्ट को पेटेंट के लिए स्वीकृत करते हुए छात्र का मनोबल बढ़ाया। जब इसकी जानकारी हुई तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। शिवांक की मां साधना गुप्ता व पिता ने बताया कि इस खुशी को वह जाहिर नहीं कर सकते हैं। इतना खुश हैं। शिवांक ने बताया कि प्रोजेक्ट तैयार करने में करीब दो लाख 80 हजार रुपये खर्च हुए। इसकी आधी कीमत स्कूल ने दी। पहले चरण में 25 मेगावाट की क्षमता का प्लांट बनाया जाएगा। जो दूसरे सौर ऊर्जा प्लांटोें से आधी जगह लेगा। खर्चा भी कम आएगा। उत्पाद भी अधिक होगा। उन्होंने बताया कि 2017 में सोलर पैनल क्लीनिंग नामक एक रोबोट का भी निर्माण किया था। जो सोलर प्लेटों को बिना पानी के साफ करने का काम करेगा।