उरई। गैंगस्टर के दोषी पाने पर विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर कोर्ट मोहम्मद आजाद की अदालत ने तीन साल की कैद और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मामला 17 साल पुराना है।
शासकीय अधिवक्ता शिवदास पांडेय ने बताया कि डकोर थानाध्यक्ष सोबरन सिंह ने 29 मई 2005 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने हमराहियों के साथ गश्त पर थे। तभी गिरोह बनाकर आपराधिक कृत्यों में लिप्त रहने वाले बबलू पाल निवासी जैसारी कलां ने अपने साथी के साथ पुलिस पार्टी पर हमला बोल दिया। पुलिस ने घेराबंदी करके बबलू पाल को तमंचा कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया था। जबकि उसका साथी रतन माली रात होने का फायदा उठाकर भाग गया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर बबलू को जेल भेज दिया था। इस मामले की सुनवाई अपर जिला जज गैंगस्टर कोर्ट मोहम्मद आजाद की अदालत में चल रही थी। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की जिरह और गवाहों के बयान के बाद अदालत ने बबलू पाल को दोषी पाते हुए तीन साल के कठोर कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।