उरई। जिले की सभी निकायों में मियावाकी पद्धति से वन बनाने की तैयारी शुरू हो गई। शासन से आदेश आने के बाद वन विभाग ने सभी निकायों को निर्देश दे दिए हैं। निकायों में वन बनाने के लिए शासन से बजट आएगा। निकायों को एक एकड़ में वन बनाने होगा। एक निकाय को दो साल का करीब 45 लाख का बजट मिलेगा। इसमें पेड़ लगाने से लेकर संरक्षण तक की पूरी जिम्मेदारी निकायों की होगी।
पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए पौधरोपण के बाद अब वनों को संरक्षित करने के लिए शासन ने पहल की है। जिले की सात नगर पंचायतों और चार नगर पालिकाओं में मियावाकी पद्धति से वन बनाने के लिए शासन से आदेश आ गया है। जिसके बाद जालौन की नगर पालिका ने तैयारी भी शुरू कर दी है। जगह की तलाश की जा रही है।
वन के लिए निकायों को एक एकड़ की जगह लेनी होगी। इसमें करीब 13 हजार पौधे लगाने होंगे। पौधों को संरक्षित करने के लिए वन विभाग का सहयोग देगा। संरक्षित करने के तरीके बताएगा। शासन से दो साल में 45 लाख का बजट इन वनों के लिए दिया जाएगा। प्रथम साल 26 लाख रुपये आएंगे,बाकि दूसरी साल बजट आएगा।