उरई। गैंगस्टर का दोष सिद्ध होने पर विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट अंजू राजपूत ने 21 साल पुराने मामले में चार दोषियों को सजा सुनाई।
सभी पर पांच-पांच साल की कैद और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड जमा न करने पर छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
शासकीय अधिवक्ता शिवदास पांडे ने बताया कि कोंच थाना पुलिस ने 30 सितंबर 2002 को थाना क्षेत्र से गश्त के दौरान सगीर, बंटी उर्फ शिवकुमार, ब्रजेश कुमार, इरफान निवासी मोहल्ला भगतसिंहनगर कोंच को पकड़कर गैंगस्टर की कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एक फरवरी 2003 को न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
20 साल गैंगस्टर कोर्ट में चले ट्रायल के बाद मंगलवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की जिरह, गवाहों के सुनने के बाद अपर जिजा जज व विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट अंजू राजपूत ने चारों आरोपियों को दोषी पाते हुए पांच-पांच साल की सजा सुनाई। साथ ही दस-दस हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर छह छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।