उरई। पहले पानी तो दे दो, फिर बिल भी जमा कर देंगे। उरई में तहसील दिवस पर पहुंचीं उमरारखेड़ा की करीब एक दर्जन महिलाओं ने अधिकारियों के सामने जब यह बात रखी तो कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया।
महिलाओं ने रोष जाहिर करते हुए कहा कि दो साल पहले जल निगम ने कनेक्शन दिए थे। कनेक्शन के बाद पानी आया ही नहीं। शिकायत पर एक बार जांच करने अधिकारी पहुंचे तो अचानक नल में कुछ पानी टपकने लगा, लेकिन उनके जाते ही नल फिर सूख गए। नलों में पानी नहीं आ रहा है और जलसंस्थान ने दो महीने से बिल भेजना शुरू कर दिया है। इस पर तहसील दिवस में सुनवाई कर रहे जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने आश्वासन देते हुए जांच करने के निर्देश दिए। शिकायत करने वालीं महिलाओं में कुसमा, कलम, राजकिशोर, पूनम, शकुंतला, कृष्णा, फूल कुमारी, मुस्कान गौतम व सुनीता आदि थीं।
वहीं पांचों तहसील में 144 में 15 शिकायतों का समाधान हुआ। इसमें माधौगढ़ पहुंचे सीडीओ भीमजी उपाध्याय ने एक भी शिकायत का समाधान मौके पर नहीं किया, जबकि सबसे ज्यादा 52 शिकायतें इसी तहसील क्षेत्र के लोगों की थीं। इसके अलावा उरई तहसील में डीएम राजेश कुमार पांडेय और एसपी डॉ. ईरज राजा ने पांच फरियादियों को फौरन न्याय दिया। कोंच में एसडीएम अतुल कुमार ने 14 शिकायतों में तीन का समाधान किया।
जालौन में एसडीएम सुशील कुमार ने 22 में एक का समाधान किया। कालपी में एएसपी असीम चौधरी व एसडीएम हेमंत कुमार पटेल ने 24 शिकायतों में चार का समाधान किया।
माधौगढ़ संवाद के अनुसार रामपुरा निवासी गिरजा शंकर ने शिकायत करते हुए बताया कि बिजली विभाग ने बकाये को लेकर आरसी जारी की थी। उन्होंने 35 हजार रुपये बकाये की राशि अमीन को सौंपी, लेकिन उन्होंने 27 हजार रुपये की ही रशीद काटी। उनकी शिकायत पर एसडीओ को जांच सौंपी गई है।
जालौन संवाद के अनुसार नगर के रहने वाले अशफाक राईन ने शिकायत में बताया कि नवीन गल्ला मंडी और फल व सब्जीमंडी में बिजली के कई पोल लगने थे। कार्यदायी संस्था ने सिर्फ दो पोल लगवाए हैं। वहीं, मंडी में और पोल लगवाने की जरूरत है, क्योंकि इससे दिक्कतें होंगी। इस मामले में रिपोर्ट मांगी गई है।