उरई। एट थाना क्षेत्र के पिरौना गांव के एक घर में आग लगने से मासूम नवजात की जलने से मौत हो गई।
घटना के दौरान मासूम छप्पर के नीचे सो रहा था। चूल्हे से आग छप्पर में लगी और फिर वह मासूम उसकी चपेट में आ गया और आग इतनी ज्यादा थी कि खाट समेत मासूम का शरीर राख हो गया।
एट थाना क्षेत्र के पिरौना गांव में गुलाब सिंह के घर में शुक्रवार की सुबह चूल्हे में कुछ बन रहा था। चूल्हे में आग तेज थी और उससे निकली चिंगारी ने छप्पर में आग सुलगा दी। आग धीरे-धीरे बढ़ने लगी और फिर तेज हो गई। छप्पर के नीचे खाट पर एक माह का मासूम सो रहा था। उस समय घटना से अनजान उसके परिजन दूर थे।
छप्पर की आग तेज हो गई और छप्पर का जलता हुआ एक हिस्सा नीचे सो रहे बच्चे के ऊपर गिर गया। आग तेज थी, बच्चा पूरी तरह से जल गया। जब तक परिवार के लोग पहुंचे तब तक बच्चे की मौत हो गई। उसके शरीर का काफी हिस्सा राख नुमा हो गया था। दुखी पिता गुलाब सिंह ने बताया कि उसक बेटा एक माह का था। वह नहीं समझ पाए कि कब छप्पर में आग लगी और उसका बच्चा उसकी चपेट में आ गया। जब देखा तो उसकी मौत हो चुकी थी। शनिवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। बच्चे की मौत से उसकी मां काजल का रो-रोकर बुरा हाल है। पिरौना क्षेत्र के लेखपाल चंदन शिवहरे मौके पर पहुंचे। उन्होंने पड़ताल की है। कहा कि रिपोर्ट प्रशासन को भेजी जाएगी।
उरई। नहीं सो रहा था तो लोरी सुनाई थी। दोबारा जब आई तो उसका बेटा नहीं रहा। कलेजे के टुकड़े की जलने से मौत की घटना से मां काजल सदमें में आ गई और वह वहीं तड़पकर गिर पड़ी।
एक माह पहले ही वह बेटे की मां बनी थी। दो बेटियों के बाद बेटे का जन्म हुआ तो पित गुलाब सिंह खुशी से उछल पड़े थे। यह बताते हुए गुलाब सिंह ने कहा कि कई वर्षों से पुत्र की आस में था। नहीं पता था कि सिर्फ चंद दिन ही भगवान उसे यह सुख देने वाले हैं। शुक्रवार की सुबह उसके मासूम बेटे के लिए काल बन गई।
सुबह करीब आठ बजे काजल खाना बनाने के लिए छप्पर के नीचे चली गई। अपने एक माह का मासूम चारपाई पर सुला गई थी। नहीं सो रहा था तो उसे लोरी सुनाई थी। छप्पर में आग लगी और उसने मासूम को पूरी तरह से जला दिया। इस घटना से गांव के लोग भी रो उठे।