जालौन। 132 केवी की नई लाइन की भदरेखी से जालौन तक डबल सर्किट बनाई जा रही है। लाइन निकालने के लिए तीन से चार घंटे का समय लगना था, लेकिन इस दौरान लाइन खींचते समय 33 केवी लाइन के आठ खंभे टूटने और तार गिरने से दिन भर नगर व ग्रामीण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित रही। शाम करीब छह बजे वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बिजली की सप्लाई शुरू हुई।
बिजली व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए 132 केवी की नई लाइन की डबल सर्किट बनाई जा रही है। जो भदरेखी बिजली घर से जालौन के उदोतपुरा बिजलीघर तक लाई जा रही है। इस दौरान जालौन में 132 केवी लाइन को 33 केवी लाइन को क्रॉस करना था। इसके लिए सुबह नौ बजे से काम शुरू हुआ। काम के चलते नगर व ग्रामीण क्षेत्र की बिजली बंद कर दी गई। 33 केवी लाइन को खंभे से उतारकर फिर 132 केवी की लाइन क्रॉस कराई गई। 132 केवी की लाइन क्रॉस होने के बाद 33 केवी लाइन को खंभे तक चढ़ाने का काम शुरू हुआ, लेकिन इस दौरान तकनीकी टीम तारों के कसाव का आकलन ठीक से नहीं कर सकी और कसाव अधिक होने की वजह से एक के बाद एक आठ खंभे और लाइन उदोतपुरा और जालौन के बीच खेत में टूटकर गिर गए।
लाइन व खंभे टूटने की खबर मिलते ही एक्सईएन महेंद्रनाथ भारती, एसडीओ कौशलेंद्र सिंह, जेई नवीन कंजौलिया, टीजीटू नरेंद्र सोलंकी, सुमित सनौरिया आदि मौके पर पहुंच गए। एसडीओ कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि नए खंभे लगने और तारों को चढ़ाने में अभी समय लगेगा। तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत उरई व बाबई लाइन से जोड़कर नगर में बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई है।
30 गांवों की आपूर्ति रही प्रभावित
आठ खंभे और लाइन टूटने से नगर क्षेत्र के अलावा अकोढ़ी, छौलापुर, पहाड़पुरा, रूरा मल्लू, गायर, खर्रा, हरकौती आदि 30 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। सुबह नौ बजे से गायब हुई बिजली शाम को छह बजे बहाल हो सकी। इस दौरान लोग बिजली के अलावा पानी के लिए भी परेशान रहे। हालांकि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नगर क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति शुरू करा दी गई है। लेकिन अभी ग्रामीण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। बिजली विभाग ग्रामीण क्षेत्र में भी वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बिजली देने का प्रयास कर रहा है।