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Jalaun News: दम तोड़ रही साइट और अभ्यर्थी हलकान

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उरई। पुलिस भर्ती के लिए तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का प्रमाणपत्र बनवाने में ही मनोबल टूट जा रहा है।
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साइट पर इतना लोड है कि उन्हें फौरन सुविधा नहीं मिल पा रही है। प्रशासन सात दिन में आय और जाति प्रमाणपत्र बनाने का दावा तो कर रहा है, लेकिन 18 जनवरी को अब ज्यादा समय नहीं बचा है, इस दौरान यदि उनका प्रमाण पत्र नहीं बनता है तो फिर इस बार पुलिस में भर्ती होने का सपना उनका आवेदन करने से पहले ही टूट सकता है।
जिले की उरई तहसील में ही प्रतिदिन डेढ़ से दो हजार आवेदन आ रहे हैं। आय जाति प्रमाणपत्र ऑनलाइन बनने हैं। इसके लिए शासन की निर्धारित साइट पर लोड बढ़ गया है। आईटी के इंजीनियर भी साइट को एक्टिव मोड पर नहीं कर पा रहे हैं। नतीजा, यह है कि अभ्यर्थियों को आवेदन से पहले ही हलकान होना पड़ रहा है। कुछ के प्रमाणपत्र बन गए हैं तो उसमें लेखपाल हीलाहवाली कर परेशानी पैदा कर रहे हैं।
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ग्राउंड रिपोर्ट जानने के लिए सहयोगी रिपोर्टर उरई तहसील गए तो काफी संख्या में युवक व युवतियां आय व जाति प्रमाणपत्र बनवाने की भीड़ में लगे थे। कई मायूस थे तो कई पूर्व में जमा किए आवेदन की स्थिति जानने आए थे। ज्यादातर साइट चालू न होने की सूचना से परेशान थे।

अभ्यर्थी दलालों को लेकर सावधान रहें। तहसील में साइट समस्या की वजह से आ रही दिक्कतों ने दलालों को सक्रिय कर दिया है। ये दलाल परेशान अभ्यर्थियों को झट से प्रमाणपत्र बनवाने का दावा कर रहे हैं। सहयोगी रिपोर्टर सुधीर राना अभ्यर्थी बनकर तहसील गए वहां एक दलाल ने सुविधा शुल्क के साथ संपर्क करने को कहा। दलाल कह रहा था कि जैसे ही साइट चालू होगी, पहले तुम्हारा आवेदन करा दिया जाएगा। इसी तरह ये दलाल अभ्यर्थियों को फंसाने का जतन कर रहे हैं।

तहसीलदार कुमार भूपेंद्र का कहना है कि एक साथ अधिक आवेदन आने से साइट में समस्या हो गई है। धीमी और बार-बार रुक जाने के कारण दिक्कतें आ रही हैं। केंद्र संचालक भी जल्दबाजी के चक्कर में डिटेल गलत भर दे रहे हैं, इससे परेशानी और बढ़ जा रही है।

शहर के मोहल्ला सदनपुरी निवासी प्रदुम्न ने बताया कि वह तीन दिन से परेशान हैं। पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए अपने व भाई-बहन के आय, जाति प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। उसके भाई और बहन के तो ये प्रमाण पत्र बन गए, लेकिन उसका नहीं बना। लेखपाल फोन नहीं उठा रहे।
शहर के मोहल्ला नया पाठकपुरा निवासी दीपिका प्रजापति ने बताया कि उसकी बहन का आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र पांच दिन से तहसील में अटके पड़े हैं, लेकिन लेखपाल उसमें रिपोर्ट नहीं लगा रहे हैं। इससे वह परेशान है और बार-बार लेखपाल को ढूंढने में ही समय निकला जा रहा है। एक भी बार वह कार्यालय में नहीं मिले।
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प्रतिदिन डेढ़ से दो हजार आवेदन आ रहे हैं। लोड के कारण पूरे प्रदेश में साइट बंद है। एक सप्ताह में बनाकर देना अनिवार्य है, हम वही प्रयास कर रहे हैं। यदि किसी अधिकारी-कर्मचारी की लापरवाही की वजह से बच्चे परेशान हैं, तो उसको लेकर सख्त कदम उठाया जाएगा। -सुरेश कुमार, एसडीएम, उरई
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