आटा। रविवार सुबह से ही तेज हवा के साथ बारिश होने से बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। आटा बिजली घर से सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। 14 गांवों के उपभोक्ताओं को सुबह नौ बजे से बिजली नहीं मिल सकी तो पानी का भी संकट छा गया। लाइनमैनों ने लाइनों की पेट्रोलिंग की तो एचटी लाइनों पर पेड़ों की टहनियां फंसी मिलीं।
रविवार सुबह नौ बजे से तेज हवा चलने से आटा बिजली घर से बिजली चालू नहीं हो सकी। बिजली घर से जुड़े आटा, चमारी, भभुआ, पिपरायां, अकोढ़ी, संदी, जोराखेरा, लैकुपुरवा, पांडेयपुर, तगारेपुर सहित 14 गांवों की बिजली बंद रही। सुबह से तेज हवा चलने से तारों पर कई जगह पेड़ों की टहनियां टूटकर गिर गई। इसी वजह से दिन भर ट्रिपिंग होती रही। बिजली न आने से पानी का संकट भी छाया रहा। ग्रामीण देवेंद्र पाल, अंकुल यादव, ऋषभ तिवारी, सतीश तिवारी, आलोक आदि का कहना है कि बिजली विभाग के अधिकारियों को जर्जर लाइनों को बदलवाना चाहिए और आटा के लिए एक अलग फीडर होना चाहिए। जिससे बिजली सही से मिल सके।
अवर अभियंता ब्रजेंद्र पाल ने कहा कि तेज हवा चलने से लाइनों पर पेड़ों की टहनियां गिर गई थीं। इसी कारण से बिजली की सप्लाई बाधित है, लाइनमैनों को भेजा गया है। लाइनों से टहनियों को कटवाकर हटाया जा रहा है। काम पूरा होने पर ही रात में बिजली की सप्लाई सुचारू हो सकेगी।