उरई। जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) इफ्तेखार अहमद ने गुरुवार को कुठौंद ब्लॉक की 13 आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, तीन सहायिकाओं और मुख्य सेविका का वेतन रोककर उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।
डीपीओ ने ग्राम हदरुख, बस्तेपुर, कैथवा, आलमपुर, दौन, मदारीपुर व बरियापुर (हरसिंहपुर) में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों तथा बाल विकास परियोजना कार्यालय कुठौंद एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय जालौन का औचक निरीक्षण किया। हदरुख के तृतीय आंगनबाड़ी केंद्र की सहायिका सुधा देवी के बिना अनुमति के लगातार अनुपस्थित रहने पर उनका वेतन रोका गया।
आंगनबाड़ी केंद्र बस्तेपुर की आंगनबाड़ी सहायिका ममता देवी के पिछले एक माह से गैरहाजिर रहने, आलमपुर के प्रथम आंगनबाड़ी केंद्र की सहायिका सुमन एवं द्वितीय आंगनबाड़ी केंद्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गीता निगम के गैरहाजिर मिलने पर अग्रिम आदेशों तक मानदेय रोकने के निर्देश दिए।
साथ ही क्षेत्रीय मुख्य सेविका मैना देवी की ओर से अपने परिक्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमानुसार पर्यवेक्षण न करने तथा मोबाइल बंद होने पर वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा। निरीक्षण के दौरान लगभग सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की उपस्थिति कम पाई गई।
इस पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए। भविष्य में कमियों में सुधार न होने पर सेवा समाप्त करने की बात कही। सीडीपीओ कुठौंद को भी चेतावनी दी।