कुठौंद। क्षेत्र के धमना आश्रम के सीता राम जी के मंदिर पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छटवें दिन कथा वाचक सतीश अवस्थी ने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा की गई लीलाओं की कथा सुनाई।
कथा वाचक ने कथा सुनाते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी लीलाओं से जहां कंस के द्वारा भेजे गए। राक्षसों का संहार किया। वहीं ब्रज के लोगों की रक्षा की उन्होंने कहा कि इंद्र को अपनी सत्ता और शक्ति पर घमंड हो गया था उसको दूर करने के लिए भगवान ने ब्रज मंडल में इंद्र की पूजा बंद कर गोवर्धन की पूजा शुरू करा दी। इससे गुस्साए इंद्र ने ब्रजमंडल पर भारी बरसात कराई। प्रलय से लोगों को बचाने के लिए भगवान ने कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठा लिया।
उन्होंने कहा कि भगवान की कृपा बिना कुछ भी संभव नहीं है। भगवान के नाम से ही सारे पाप दूर होते हैं। मानव मात्र को ही समाज में अच्छे कर्म करना चाहिए। प्राप्त ओहदा का सदुपयोग करना चाहिए व फल की कामना किए बगैर कर्म करते रहना चाहिए। अच्छे कर्म का फल हमेशा अच्छा मिलता है और बुरा कर्म का फल बुरा होता है इसलिए हमें हमेशा सत्कर्म करना चाहिए।