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Jalaun News: जिला अस्पताल की सीटी स्कैन मशीन खराब, भटकने को मजबूर मरीज

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उरई। जिला अस्पताल की सीटी स्कैन मशीन पिछली 27 नवंबर से खराब हो गई है।
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तकनीकी खराबी आने के कारण सीटी स्कैन का काम ठप हो गया है। जिससे सीटी स्कैन कराने आने वाले मरीज व तीमारदार परेशान है। अब वह बाजार में महंगे दामों पर सीटी स्कैन कराने को मजबूर हो रहे हैं। कुछ मरीजोंं ने बाजार में महंगे सीटी स्कैन की वजह से फिलहाल कुछ दिन इंतजार करना मुनासिब समझा है।
जिला अस्पताल में प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (पीपीपी) पर एचएलएल लाइफ केयर लिमिटेड की ओर से सीटी स्कैन मशीन लगाई गई है। मशीन के मेंटीनेंस की जिम्मेदारी साइरिस कंपनी को दी गई है। सीटी स्कैन के इंचार्ज धीरज झा ने बताया कि सीटी स्कैन मशीन में 27 नवंबर को खराबी आ गई थी। शिकायत पर अगले दिन साइरिस कंपनी के इंजीनियर ने आकर जांच की तो पता चला कि कोई उपकरण खराब हो गया। स्थानीय बाजार में खोजबीन की गई लेकिन उपकरण नहीं मिला।
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इस पर इंजीनियर यह आश्वासन देकर लौट गया कि वह दिल्ली से उपकरण मंगाकर समस्या को दूर करेगा। इसमें सप्ताह भर लगने की संभावना है। उन्होंने बताया कि यहां रोजाना सुबह आठ बजे से चार बजे तक सीटी स्कैन का काम होता है। यहां पर मेडिकल कॉलेज और सीएचसी से रेफर मरीज भी सीटी स्कैन कराने आते है। जिला अस्पातल में निशुल्क सीटी स्कैन होता है लेकिन प्राइवेट में अंग के हिसाब से फीस लगती है। जो ढाई हजार से लेकर साढ़े छह हजार तक होती है।

सीटी स्कैन में खराबी को लेकर संबंधित कंपनी के प्रतिनिधियों को अवगत करा दिया गया है। कंपनी के प्रतिनिधि ने जल्द समस्या के निदान का भरोसा दिया है। -डॉ. सौरभ कुमार, नोडल अधिकारी रेडियोलॉजी विभाग जिला अस्पताल


जिला अस्पताल में फ्री, प्राइवेट में महंगा सीटी स्कैन
उरई। जिले में सीटी स्कैन की सेवा सिर्फ जिला अस्पताल में सरकारी तौर पर उपलब्ध है। जबकि दो प्राइवेट रेडियोलॉजी सेंटरों पर भी सीटी स्कैन की सुविधा मिलती है। जहां सीटी स्कैन कराने में मरीज का ढाई से साढ़े छह हजार रुपये तक खर्च हो जाता है।

मेडिकल कॉलेज में भी नहीं है सीटी और एमआरआई की सुविधा
उरई। राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी सीटी स्कैन व एमआरआई की सुविधा नहीं है। सीटी स्कैन व एमआरआई के लिए कमरा तैयार हो गया है। उपकरण नहीं होने से सीटी स्कैन का लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। मेडिकल कॉलेज के मरीज सीटी स्कैन कराने के लिए जिला अस्पताल या प्राइवेट रेडियोलॉजी सेंटरों पर जाने को मजबूर है। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. प्रशांत निरंजन का कहना है कि सीटी स्कैन व एमआरआई सेवा शुरू कराने के लिए कई मर्तबा शासन को अवगत करा चुके हैं। शासन स्तर से आश्वासन भी मिला है।

कालपी के मोहल्ला उदनपुरा निवासी मानसी (22) के पेट में दर्द रहता है, अल्ट्रासाउंड जांच में गांठ बताई है। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक ने सीटी स्कैन कराने की सलाह दी है। वह 29 नवंबर को भी भाई दीपक के साथ सीटी स्कैन कराने आई थी। तब भी मशीन खराब थी, और अब भी खराब है। जबकि प्राइवेट में पेट का सीटी स्कैन कराने पर साढ़े छह हजार रुपये खर्च हो रहे हैं।
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उरई शहर के मोहल्ला रामनगर निवासी शिवकुमार ने बताया कि उनकी पत्नी को पेट में समस्या है, कानपुर में डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन कराने की सलाह दी। अल्ट्रासाउंड को किसी तरह करा लिया लेकिन सीटी स्कैन बहुत महंगा है। इसलिए जिला अस्पताल में कराने आए है। यहां पता चला कि मशीन खराब है। जबकि बाहर बताया जा रहा है कि छह हजार रुपये खर्च होंगे।
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