माधौगढ़। रजिस्ट्री कार्यालय और तहसील के अधिकारियों के बीच की रार ने किसानों को परेशानी में डाल दिया है।
उनके आपसी तालमेल न होने से लगभग तीन सैकड़ा लोगों के जमीनों के दाखिल खारिज लटक गए हैं।
माधौगढ़ तहसील क्षेत्र में 256 गांव हैं। वहीं रजिस्ट्री ऑफिस में रोजाना लगभग 25-30 बैनामा होते हैं। अधिवक्ता विपिन कुमार सिंह, धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि रजिस्ट्री कार्यालय में बैनामा हो जाने के बाद 35 दिन के अंदर दाखिल खारिज होने का प्रावधान है। तहसील माधौगढ़ में मामला उलटा हो गया, जबकि सरकार इसको लेकर गंभीर है।
किसान बृजेंद्र सिंह ने बताया कि उसने दिनेश सिंह से बैनामा कराया था, लेकिन दाखिल खारिज नहीं हो पा रहा है। दाखिल खारिज न होने से खेती से मिलने वालीं सहूलियतें नहीं मिल पा रही हैं। इसमें किसान क्रेडिट कार्ड, किसान सम्मान निधि, क्रय केंद्र में उपज देने का लाभ, जमानत के लिए खेती की नकल आदि का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
तहसीलदार अमित शेखर का कहना है कि रजिस्ट्री कार्यालय से कागज प्रपत्र के माध्यम से तहसीलदार कार्यालय भेजें जाएं। रजिस्ट्री कार्यालय कागज नहीं भेज रहे हैं । सब रजिस्ट्रार अभिनव कुशवाहा का कहना है कि 20 साल से हाथों हाथ कागज जा रहे थे। तहसील कार्यालय द्वारा प्राप्त किए जा रहे थे। दो महीने पहले से ही तहसीलदार अमित शेखर ने प्रपत्र 11 व 13 भरकर कार्यालय में जमा करने की बात कही है। शासन, डीएम, एडीएम द्वारा प्रपत्र जमा करने का प्रावधान नहीं है।