उरई। झांसी-कानपुर रेलमार्ग पर ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण यात्रियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं।
ऐसी सर्द रातों में कई घंटे ट्रेनों का इंतजार करना पड़ रहा है। जहां कई ट्रेनों को मार्ग परिवर्तन करके चलाया जा रहा है। इस कारण यात्रियों को ट्रेनों की लोकेशन की सही जानकारी नहीं मिल पा रही है।
छपरा (बिहार) झांसी, मंडल के बाराबंकी स्टेशन पर ट्रैक रखरखाव का काम चल रहा है। जिस कारण से झांसी-कानपुर रेलमार्ग से आने जाने वाली ट्रेनों की चाल बुरी तरह से लड़खड़ा गई है।
सर्दी के मौसम में कोहरे ने भी ट्रेनों के संचालन में बाधा पैदा की है। जिससे कई ट्रेन नौ घंटे अधिक देरी से उरई पहुंच रही हैं। जिनमें पनवेल से गोरखपुर नौ घंटा 40 मिनट, गोरखपुर से सिकंदराबाद सात घंटा 47 मिनट, मुंबई से गोरखपुर कुशीनगर एक्सप्रेस छह घंटा, इंदौर से पटना 4 घंटा 15 मिनट, गोरखपुर से मुंबई संतकबीर नगर एक्सप्रेस दो घंटा देरी से पहुंची। गोरखपुर से आने वाली पनवेल एक्सप्रेस अनिश्चितकालीन देरी से आ रही है। इन ट्रेनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। झांसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि ट्रैक रखरखाव के कारण ट्रेनें देरी से आ रही हैं। काम जल्द समाप्त होने के बाद ट्रेन यथावत चलेगी।
बरौनी से ग्वालियर और बरौनी से बरौनी जाने वाली छपरा मेल, गोरखपुर से कोच्चिवैली जाने वाली राप्तीसागर एक्सप्रेस, मुंबई से गोरखपुर जाने वाली अंत्योदय एक्सप्रेस, दरभंगा से अहमदाबाद जाने वाली साबरमती एक्सप्रेस निरस्त रही। साथ ही कोच्चिवैली से गोरखपुर जाने वाली राप्तीसागर एक्सप्रेस, इंदौर से पटना जाने वाली इंदौर पटना एक्सप्रेस समेत सात ट्रेनें गुरुवार को निरस्त रही।