कदौरा थाना क्षेत्र में 22 वर्षीय युवक का शव उसके घर के पास ही बबूल के पेड़ से लटका मिला। परिजनों ने बडे़ भाई के ससुराल वालों के खिलाफ हत्या की तहरीर दी है। पुलिस का कहना है कि तीन दिन पहले मृतक की भाभी की हादसे में मौत हो गई थी। मायकेे वालों ने दहेज हत्या की तहरीर दी थी। आशंका है कि दहेज हत्या की रिपोर्ट के डर से युवक ने आत्महत्या की है। इंस्पेक्टर मुकेश वर्मा का कहना है कि तहरीर लेकर जांच पड़ताल की जा रही है।
कदौरा थाना क्षेत्र के डाले का पुरा महमूदनगर निवासी अरविंद कुमार पुत्र चंद्रपाल निषाद का शव शुक्रवार की सुबह गमछे के सहारे बबूल के पेड़ से लटका मिला। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। कुछ देर बाद पुलिस भी आ गई। अरविंद के बडे़ भाई महेश ने बताया कि नौ मई को छोटे भाई इंद्रपाल की पत्नी रचना की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। अर्चना केे पिता ईश्वरीदीन ने थाने में दहेज हत्या की तहरीर दी थी। आरोप लगाया कि ईश्वरीदीन साथी मनोज कुमार और कुछ अन्य लोगों के साथ दस मई को घर आए थे। इन लोगों ने घरवालों के साथ मारपीट की।
इंद्रपाल और अरविंद को उठा ले गए। ईश्वरीदीन ने दोनों भाइयों को छोड़ने केे लिए 20 लाख रुपये या छह बीघा जमीन देने की मांग की थी। शुक्रवार को अरविंद का शव पेड़ से लटका मिला। महेश ने तहरीर में ईश्वरीदीन और उसके साथियों पर अरविंद को मारकर लटकाने का आरोप लगाया है। इंस्पेक्टर का कहना है कि मामला आत्महत्या का ही लग रहा है। हो सकता है दहेज हत्या की तहरीर से घबराकर अरविंद ने ऐसा कदम उठाया हो। यह भी बताया रचना की मौत सड़क हादसे में हुई थी। इस कारण अभी तक दहेज हत्या की रिपोर्ट भी नहीं लिखी गई है। पूरे मामले की गंभीरता पूर्वक जांच पड़ताल की जा रही है।
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इंद्रपाल का भी नहीं अता-पता
पुलिस भले ही अरविंद की मौत को आत्महत्या बता रही हो, लेकिन इंद्रपाल अभी भी गायब है। भाई महेश के मुताबिक इंद्रपाल केे ससुराल वाले उसकी भी हत्या कर सकते हैं। उधर, महेश केे आरोप भी पुलिस को सही नहीं लग रहे हैं, क्योंकि जब इंद्रपाल की ससुराल वाले दोनों भाइयों को अगवा कर ले गए थे तो अरविंद का शव घर के पास ही पेड़ पर लटका क्यों मिला।