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किसान के घर वर्दीधारी लुटेरों का धावा

Tue, 28 Feb 2017 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
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किसान मंसा के घर का बिखरा सामान - फोटो : अमर उजाला
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असलहों से लैस खाकी वर्दीधारी लुटेरों ने सोमवार रात किसान के घर पर धावा बोलकर लूटपाट की। इस दौरान किसान को जमकर पीटा और फिर उसके हाथ पैर व मुंह बांध उसे कमरे में बंद कर दिया। मंगलवार सुबह जब किसान की पत्नी घर पहुंची तो उसे घटना की जानकारी हुई। इसके बाद कुठौंद थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंची। किसान के मुताबिक बदमाश
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घर से करीब 60 हजार नगद और पत्नी के कीमती जेवर ले गए हैं। पुलिस का कहना है कि बदमाशों की तलाश की जा रही है। दोन गांव निवासी किसान मंसाराम ने बताया कि सोमवार की रात वह अपने खेत पर बने मकान में सो रहा था। रात करीब 12 बजे के आसपास हथियारों से लैस खाकी वर्दीधारी सात आठ बदमाश घर में घुसे और उसके साथ मारपीट करने

लगे। मंसा के मुताबिक बदमाशों ने दोनाली बंदूक के कुंदे से भी उसे पीटा और अलमारी की चाबी छीनकर उसमें रखे 60 हजार रुपये व पत्नी के जेवर समेट लिए। जब उसने शोर मचाने का प्रयास किया तो बदमाशों ने उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और फिर हाथ पैर बांधकर उसे कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद बाहर से कुंडी लगाकर भाग निकले। मंगलवार की सुबह
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करीब 7 बजे पत्नी पान कुंवर जब चाय लेकर मकान पर पहुंची तो बाहर से कुंडी बंद देख दंग रह गई। भीतर जाकर पान कुंवर ने पति को बंधे देखा तो चीख पड़ी। हाथ पैर खोले फिर

पति-पत्नी गांव पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी। मंसा ने बताया कि बदमाश उसका मोबाइल फोन और बोलेरो के कागज भी ले गए हैं।  पुलिस ने मामले में जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है।

बदमाशों को थी चार लाख की सूचना
मंसा ने पुलिस को बताया कि बदमाश बार-बार उसे पीट रहे थे और चिल्ला रहे थे कि बताओ चार लाख रुपये कहां रखे हैं, हमें पक्की सूचना है कि रुपये तुमने घर में कहीं छिपा रखे हैं। पुलिस का मानना है कि हो सकता है कि मंसा के परिवार का कोई करीबी भी वारदात में शामिल हो। फिलहाल घरवालों से भी पूछताछ की जा रही है।

दो दिन पहले किराना व्यापारी को भी लूटा था
बताया जाता है कि दो दिन पहले भी इन्हीं बदमाशों ने आलमपुर गांव में किराना व्यापारी को पीटकर उससे भी चार हजार रुपये और मोबाइल लूटा था। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की थी।

रात में नहीं होती है पुलिस गश्त   
दोना और आलमपुर गांव के ग्रामीणों का कहना है कि शाम होने के बाद पुलिस गश्त तो दूर सिपाही झांकने तक नहीं आते हैं। इससे भी बदमाशों के हौसले बढ़े हुए हैं। यदि पुलिस गश्त होती तो घटना की जानकारी रात को ही हो सकती थी और शायद बदमाशों का भी सुराग मिल सकता था।  

सर्विलांस का सहारा ले रही पुलिस
मंसा का मोबाइल भी बदमाश ले गए हैं, इसलिए पुलिस ने उसके नंबर को सर्विलांस पर लगाया है। इतना ही नहीं, आलमपुर के किराना व्यापारी से लूटे गए मोबाइल को भी सर्विलांस पर लगाकर बदमाशों का सुराग लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

टीहर की डकैती से जुड़ रहे तार
पुलिस सूत्रों की मानें तो जनपद में बदमाशों का कोई बड़ा गैंग मौजूद है। जिसने एक महीने पहले रामपुरा के टीहर गांव निवासी अनिल दीक्षित के घर पर भी डाका डाला था। पुलिस दोनों मामलों को किसी एक ही गैंग से जोड़कर भी देख रही है। 
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