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पीएसी सिपाही की हत्या में दो पर रिपोर्ट

Fri, 08 Jul 2016 11:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
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हत्या - फोटो : Getty
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पीएसी सिपाहियों पर फायरिंग के मामले में पुलिस ने आरोपी दुकानदार व उसके भांजे के खिलाफ हत्या व हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। वहीं गुरुवार की शाम घायल सिपाही की मौत होने से उसके पैतृक गांव न्यामतपुर में मातम पसरा हुआ है। दूसरा घायल सिपाही अभी भी जिंदगी और
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मौत से संघर्ष कर रहा है।  मुसमरिया गांव निवासी कृष्ण कुमार उर्फ भूरे सिंह व अरविंद सिंह निवासी न्यामतपुर 33 बटालियन पीएसी में सिपाही थे। बीते बुधवार को दोनों सिपाही स्कॉर्पियो गाड़ी में सजावट कराने के लिए अंबेडकर चौराहा स्थित मां तुलसा कार श्रृंगार नाम की दुकान पर गए थे। बताया जा रहा है कि सामान के रुपयों को लेकर सिपाहियों का

दुकानदार से झगड़ा हो गया। इस पर दुकानदार ने दोनों सिपाहियों पर फायर झोंक दिए। इससे दोनों सिपाही घायल होकर गिर पड़े। इन्हें कानपुर रेफर किया गया था। यहां पर उपचार के दौरान अरविंद यादव की मौत हो गई। इस मामले में शुक्रवार को मृतक सिपाही के पिता राजबहादुर यादव की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी दुकानदार सुबोध उर्फ नीलू नगायच
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निवासी नया पटेल नगर उरई व उसके भांजे रामलला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। दोनों आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिशें दी जा रही हैं। वहीं सिपाही की मौत से उसके पैतृक गांव न्यामतपुर में मातम पसरा हुआ है। परिजनों के अलावा गांव के लोग भी गमगीन हैं। इस मामले में सीओ सिटी डॉ. जंगबहादुर यादव ने कहा कि आरोपियों में तलाश जारी है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा।

घटना की असली वजह से अब भी अनजान पुलिस!
घटना की असली वजह क्या थी, इसे लेकर पुलिस अब भी अनजान है। कारण यह है कि गोली लगने से घायल एक सिपाही की होश में आए बिना ही मौत हो गई और दूसरे सिपाही को अब तक होश नहीं आ सका है। वहीं आरोपी दुकानदार भी पुलिस की पकड़ से दूर है। इससे पुलिस अभी तक यह जानकारी नहीं कर पाई है कि आखिर घटना की असली वजह क्या थी और ऐसा

क्या हुआ कि दुकान चलाने वाले एक युवक को फायरिंग करनी पड़ी। हालांकि इसकी सही वजह तो दूसरे सिपाही के होश में आने या दुकानदार के पकड़ में आने के बाद ही पता चल पाएगी।
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