पूर्व सैनिक ने छत की संतीर से फंदा लगाकर इहलीला समाप्त कर ली।
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सूखा के कारण जमीन में उपज न होने के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक किसान ने अपने खेत पर लगे पेड़ पर अंगौछे के सहारे फांसी लगाकर जान दे दी। ग्रामीणाें ने उसके शव को पेड़ पर लटकते देखा तो परिजनाें को सूचना दी। मौके पर बदहवास हालत में परिजन पहुंचे और रोने बिलखने लगे। सूचना पाकर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
कालपी कोतवाली के गांव नवलपुरा मगरौल निवासी किसान विजय सिंह अहिरवार (45) पुत्र मनोहर लाल के पास डेढ़ बीघा जमीन थी। इस साल सूखा से उसकी गेहूं की फसल खराब हो गई और वह सब्जी भी नहीं उगा पाया। इससे खड़ी हुई आर्थिक समस्या से वह बहुत परेशान था। उस पर पत्नी के साथ दो पुत्र व तीन पुत्रियाें की जिम्मेदारी थी जिनका वह भरण पोषण
नहीं कर पा रहा था। पत्नी संतोषी ने बताया कि पति को उसने काफी समझाया लेकिन उसकी परेशानी कम नहीं हुई। गुमसुम रहने लगे थे। बुधवार की दोपहर करीब एक बजे वह घर में बिना बताये अपने खेत पर पहुंचा और वहां लगे पेड़ से अंगौछे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वहां से ग्रामीण गुजरे तो विजय को फांसी पर लटका देख परिजनाें को
सूचना दी। मौके पर परिजन पहुंचे और रोने बिलखने लगे। सूचना पाकर कालपी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाल सतेंद्र राठौर ने बताया कि अभी आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं हुई है। परिजन आर्थिक तंगी से आत्महत्या बता रही है। वह जांचकर रहे हैं।