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घर से बुलाकर युवक की हत्या

Tue, 10 Nov 2015 10:59 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
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घर की सफाई कर रहे युवक को मोबाइल कर अज्ञात हमलावराें ने बुलाया। इसके बाद उसे कार में बिठाकर ले गए और हरचंदपुर रोड पर ले जाकर खेताें में घसीटने के बाद बेरहमी से उसकी गर्दन काटकर हत्या कर दी। जब काफी देर तक युवक घर नहीं लौटा तो परिजनाें ने उसकी खोजबीन की। पता न चलने पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जब
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खोजबीन की तो युवक का शव लहूलुहान हालत में खेत मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कदौरा कस्बा के मुहल्ला सिद्धार्थ नगर निवासी जगपाल उर्फ आशीष (18) पुत्र लालाराम सोमवार की देर रात करीब नौ बजे घर की साफ सफाई कर रहा था, तभी उसके मोबाइल पर फोन आया कि वह रोड पर आ जाए। युवक परिजनाें

को बताए बिना पैदल ही चल दिया। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि वहां सफेद कार सवार युवक जगपाल को बिठाकर हरचंदपुर रोड की ओर चले गए। मौका ए वारदात देखकर साफ था कि इसके बाद हमलावरों ने जगपाल को बेरहमी से पीटा और उसकी गर्दन पर कुल्हाड़ी से वार कर मौत के घाट उतार दिया और फरार हो गए। इधर, गुमशुदगी की सूचना मिलने
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पर थानाध्यक्ष विनोद मिश्रा ने युवक की तलाश की तो उसका रक्त रंजित शव हरचंदपुर गांव को जाने वाली सड़क किनारे खेत में पड़ा मिला। पुलिस ने साक्ष्यों का संक लन करने के बाद शव को पोस्टमार्र्टम के लिए भेज दिया। युवक की मौत

से घर में कोहराम मचा है। मृतक के भाई परमेश्वरी दयाल की तहरीर पर अज्ञात हत्यारोपियाें के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। थानाध्यक्ष विनोद मिश्रा ने बताया कि वह कई बिंदुओं पर जांच कर रहे हैं। जल्द ही मामले का खुलासा कर हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजेंगे।

मोबाइल की काल डिटेल खोलेगी हत्या का राज
युवक की हत्या का राज उसके मोबाइल की काल डिटेल से खुल सकता है। हालांकि वारदात स्थल पर उसका मोबाइल नहीं मिला है। थानाध्यक्ष भी मान रहे हैं कि हत्या में किसी करीबी का ही हाथ है जिसके बुलाने पर युवक चला गया। मोबाइल भी गायब है लेकिन पुलिस उसके नंबर की सीडीआर निकाल कर हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी है।

कहीं जमीन के लिए तो नहीं मारा
सूत्रों के अनुसार मृतक का बड़ा भाई हमेशा जमीन व मकान बेचने के लिए लोगों से पैसे ले लेता था जिसका जगपाल विरोध करता था। बीते साल भी कदौरा के मकान का 14 लाख रुपये में सौदा कर लिया था लेकिन जगपाल के विरोध के बाद ही मकान नहीं बिक पाया था। हत्या को इस बिंदु से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

भाई के डर से बहन नहीं रहती घर पर
जगपाल के बड़े भाई परमेश्वरी दयाल जो कि मुकदमे का वादी भी है। मुहल्ले वालाें के अनुसार उसी के डर से सगी बहन अंगूरी देवी अपने घर में नहीं रह पाती है। वह अपनी बड़ी बहन के यहां मिनौरा उरई में रहती है।
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