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एचटी लाइन टूटकर गिरने पर किसान की जान गई

Thu, 05 Apr 2018 11:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूूराे जालाैन
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रोते बिलखते किसान बृजलाल के परिजन। - फोटो : amar ujala
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कदौरा थाना क्षेत्र के ग्राम रैला निवासी किसान ब्रजलाल पाल (58) पुत्र स्व. शिवबालक बुधवार देर शाम घर से खाना खाने के बाद खेत पर फसल की रखवाली करने चला गया। अनुमान है कि रात में वह खेत पर टहल कर रखवाली कर रहा होगा तभी अचानक खेत से ऊपर से निकली हाईटेंशन लाइन का तार फाल्ट होने से टूट कर ब्रजलाल के ही ऊपर गिर पड़ा। तार की चपेट में आते ही करंट से बुरी तरह जलकर एक पल ही ब्रजपाल की मौत हो गई। देर रात की घटना होने की वजह से किसी को पता नहीं चला। सुबह कुछ ग्रामीण शौच के लिए जा रहे थे तभी उन्होंने ब्रजलाल का शव खेत पर जला पड़ा देखा।

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उसके शरीर में हाईटेंशन लाइन का तार लिपटा हुआ था। यह देखकर वह चीखते हुए गांव पहुंचे और ग्रामीणों व परिजनों को खबर दी तो गांव में हड़कंप मच गया। ब्रजलाल के घरवाले व ग्रामीण दौड़ते हुए खेत पर पहुंचे, जहां उसकी हालत देखकर परिजन रोने बिलखने लगे। ब्रजलाल के बेटे शत्रुघ्न ने बताया कि उसके पास 10 बीघा खेत है। पिता ने खेत में गेहूं व अरहर की फसल बोई थी, जिसकी रखवाली के लिए वह खेत में ही रहते थे। उधर सूचना पर पहुंची पुलिस ने लाइन को बंद कराकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

वहीं घटना को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों का कहना था कि कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से जर्जर तारों को बदलने की मांग की गई, लेकिन अधिकारियों ने उनकी एक न सुनी। इसका नतीजा सभी के सामने है। अगर जल्द से जल्द तार नहीं बदले गए तो वह आंदोलन करेंगे। इसके अलावा उन्होंने विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अधीक्षण अभियंता किशन सिंह ने बताया कि बिजली के तार टूटने की वजह से अगर कोई दुघर्टना अथवा आगजनी होती है। किसान के परिवार के सदस्य या तो जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी के साथ ही साथ सीधे विभाग के अधिकारियों के पास शिकायती पत्र दे सकते है। जांच के बाद उस किसान के परिवार को बिजली विभाग की ओर से रिपोर्ट के अनुसार तय मुआवजा दिया जाता है।
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छह घंटे बाद पहुंची पुलिस
यह घटना रात करीब 12 बजे के बाद हुई थी। सुबह ग्रामीणों का शव देखने पर उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी थी, लेकिन बेपरवाह पुलिस एक दो घंटे नहीं बल्कि छह घंटे बाद घटना स्थल पर पहुंची। तब तक किसान ब्रजलाल का शव तार से ही लिपटा पड़ा रहा।

बिजली विभाग में नहीं उठा फोन
ग्रामीण सप्लाई बंद कराने के लिए बिजली विभाग के अधिकारियों को फोन लगा रहे थे। मगर अधिकारियों ने एक भी बार फोन नहीं उठाया, जिससे परिजन व ग्रामीण शव के पास नहीं जा सके। घंटों देरी से पहुंची पुलिस ने जब विभागीय अधिकारियों को फोन किया, तब कहीं जाकर सप्लाई बंद हुई और शव को तार से अलग किया जा सका।  

दो बीघा की फसल भी जली
हाईटेंशन लाइन का तार टूट कर गिरने से सिर्फ किसान ब्रजलाल की जान ही नहीं गई, बल्कि गांव के ही किसान स्वामीदीन पुत्र रामेश्वर के खेत में भी आग गई। वह शाम को अपने घर पर खाना खाने चला गया था और फिर रात में खेत पर नहीं आया। तार के करंट से खेत में भीषण आग लग गई। सुबह ग्रामीणों ने जब खेत पर आग लगी देखी तो उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। वहीं खेत में आग लगने की खबर मिलते ही स्वामीदीन दौड़ता हुआ खेत पहुंचा तो फसल को जली देखकर गश खाकर गिर पड़ा। स्वामीदीन ने बताया कि उसने कर्ज लेकर फसल बोई थी। बिजली विभाग की लापरवाही के चलते उसका काफी नुकसान हो गया है। अब वह अपना कर्ज कैसे चुका पाएगा।

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