कदौरा के सुजानपुर व ताहरपुर गांव के बीच हाईवे किनारे सोमवार की सुबह एक शव पड़ा मिला। शौचक्रिया के लिए जा रहे ग्रामीणों ने खून से लथपथ शव देखा तो पुलिस को सूचना दी। जानकारी पाकर थानाध्यक्ष अशोक उपाध्याय फोर्स के साथ पहुंचे और शव कब्जे में लिया। शरीर में काफी चोट के निशान और सिर में गोली लगने का निशान मिलने पर यह साफ है कि हत्या कर शव फेंका गया है, लेकिन आस पास पूछताछ के बाद भी शिनाख्त नहीं हो सकी। वहीं जानकारी पाकर एएसपी, सीओ कालपी व फोरेंसिक टीम को साथ लेकर मौके पर पहुंचे। वहां उन्होंने मामले की जानकारी कर छानबीन शुरू की।
इसी बीच एक परिवार अपने पिता की तलाश में वहां पर पहुंचा। शव देखते हुए उन्होंने उसकी शिनाख्त अपने पिता महावीर वर्मा (43) पुत्र श्यामलाल निवासी कस्बा कुरारा जिला हमीरपुर के रूप में की। भाई जगमोहन ने बताया कि महावीर रविवार सुबह करीब 8 बजे घर से निकल आए थे। वह उरई से बेटी की शादी के लिए सामान खरीदने जा रहे थे। मगर शाम को लापता हो गए। शाम को महावीर ने पत्नी शकुंतला से बात की थी, उसने बताया कि उसके दामाद मनोज पुत्र तुलाराम निवासी ग्राम छिरिया जालौन ने उरई के कालपी बस स्टैंड पर उसे कोल्डड्रिंक में कुछ विषाक्त मिला कर पिला दिया और मारपीट की है।
इसके बाद मोबाइल बंद हो गया। इसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके बाद महावीर के भाई जगमोहन की तहरीर पर पुलिस ने दामाद मनोज, पिता तुलाराम, मां देवकली व कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। एएसपी का कहना है कि हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगा दी गई है। जल्द से जल्द सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-दामाद से चल रहा था विवाद
महावीर ने अपनी बड़ी बेटी लक्ष्मी की शादी डेढ़ वर्ष पूर्व मनोज निवासी छिरिया जालौन से की थी। शादी के बाद से वह लक्ष्मी के साथ मारपीट करता था, जिससे वह कुरारा अपने मायके आकर रहने लगी थी। इनका विवाद कोर्ट में भी विचाराधीन है। कोर्ट में तारीख के दौरान कई बार इन लोगों के बीच विवाद हुआ और नौबत मारपीट तक आ गई। इसके चलते मनोज अपने ससुर से रंजिश मानता था।
- मनोज ने धोखे से की थी दूसरी शादी
मनोज का इस शादी से पहले झांसी की निवासी एक महिला से पहले विवाह हो गया था, जिससे उसे 5 वर्ष की बच्ची भी है। उसने इस बात को छिपाते हुए लक्ष्मी से दूसरी शादी कर ली। जब इस बात की जानकारी लक्ष्मी को हुई तो उनके बीच विवाद हो शुरू हो गई। मनोज के मारपीट करने पर लक्ष्मी ने कोर्ट में केस दर्ज करा दिया था।
- 24 को आनी थी छोटी बेटी की बारात
इसी माह की 24 अप्रैल को महावीर के बेटी माधुरी की शादी थी। वह दिन रात शादी की तैयारियों में ही लगा था। बारात जालौन के छिरिया गांव से ही आनी थी। रविवार को भी शादी में दिया जाने वाला दहेज का कुछ सामान खरीदने के लिए उरई आया हुआ था, जहां से वह लापता हो गया।
- मारने के बाद की लूटपाट
महावीर के हत्या करने वालों ने उसे मारने के बाद शव के साथ लूटपाट भी की। पत्नी शकुंतला ने बताया कि महावीर अपने साथ 25 हजार रुपये लिए था। साथ ही एक सोने की जंजीर, अंगूठी व मोबाइल फोन भी था। इसमें से कुछ भी शव के पास नहीं मिला, जिससे साफ होता है उसे मारने के बाद सामान लूट कर ले गए।
उरई कोतवाली पुलिस ने दिखाई निष्क्रियता
महावीर ने फोन पर पत्नी को उरई के कालपी स्टैंड पर दामाद के मारपीट करने की बात बताई तो परिजन आनन फानन में उरई के लिए रवाना हुए थे। यहां आकर उन लोगों ने तलाश की तो उसका कुछ पता नहीं चला। इसके बाद परिजनों ने उरई कोतवाली जाकर पुलिस को पूरी बात से वाकिफ कराया था, लेकिन पुलिस ने उनकी मदद करने की वजाय दुत्कार कर वहां से भगा दिया। अगर उरई कोतवाली पुलिस जरा सी सक्रियता दिखाती तो शायद महावीर की जान बच जाती।