18 दिसंबर को हुए उपद्रव के मामले में पुलिस आरोपियों की पहचान के लिए शहर में उनके फुटेज के बैनर व पोस्टर लगवाने की तैयारी कर रही है। उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं जो लगातार इस मामले में दोषियों के यहां दबिश दे रही हैं। यह बात कोतवाली प्रभारी फुंदनलाल ने पत्रकारों से कही। आठ दिन पहले कोंच चौराहे पर डंपर की टक्कर
से हुई तीन लोगों की मौत के बाद हुए उपद्रव के मामले में कोतवाली पुलिस ने 15 नामजद तथा 800 से 900 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसमें पुलिस ने 15 नामजद आरोपियों में प्रद्युम्न दीक्षित को जेल भेज दिया है। अन्य सभी आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर बने हुए हैं। वहीं, अज्ञात में भी पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़कर जेल
भेजा है। कोतवाली प्रभारी ने फुंदनलाल ने बताया कि आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस उपद्रव के फुटेज की मदद से बैनर व पोस्टर बनवा रही है जिन्हें नगर व क्षेत्र में चस्पा कराया जाएगा। उन्होंने नगर व क्षेत्रीय जनता से अपील करते हुए कहा कि इन बैनर व पोस्टरों से उपद्रवियों की पहचान कर जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराएं। सूचना देने वालों का नाम व
पता बिल्कुल गोपनीय रखा जाएगा। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके तथा एसएसआई राजेंद्र सिंह यादव व चौकी प्रभारी अखिलेश उमराव के नेतृत्व में तीन टीमों का गठन किया
गया है जो लगातार आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। उन्होंने बताया कि उक्त मामले में किसी भी निर्दोष को नहीं फंसाया जाएगा। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ ही कार्रवाई की जाएगी।
जालौन मामले में होगी मजिस्ट्रेट जांच
कस्बा जालौन में 18 दिसंबर को डंपर से दुर्घटना होने पर तीन लोगों की मौत पर उग्र भीड़ द्वारा वाहनों में आग लगा देने की घटना की मजिस्ट्रेट जांच कराए जाने के लिए डीएम संदीप कौर ने अक्षय त्रिपाठी संयुक्त मजिस्ट्रेट उरई को नामित किया है जो नियमानुसार जांच कर अपनी आख्या 15 दिन में उपलब्ध कराएंगे।