-कालेज के बाहर पुलिस से नोकझोंक करते सपा छात्रसभा के कार्यकर्ता।
- फोटो : amar ujala
हुआ यूं कि डीवी कालेज परिसर में एबीवीपी की ओर से उभरता भारत नई आशाएं विषयक सम्मेलन का गुरुवार को आयोजन हुआ था। इसके लिए एबीवीपी की ओर से दो हजार रुपये की रसीद भी कटवाई गई थी। इसी बीच जब सपा छात्रसभा के धीरेंद्र, सौरभ यादव, मोहित यादव, कृष्णा यादव, शबीर मंसूरी, सौरभ ठाकुर, अंकित, गोल्डी उर्फ गोल्टी यादव आदि को पता लगा तो उन्होंने प्राचार्य डा. आनंद खरे के सामने यह कहकर विरोध जताया कि पिछले महीने उनके कार्यक्रम को अनुमति नहीं दी गई थी, लेकिन विद्यार्थी परिषद के कार्यक्रम को अनुमति क्यों दी गई।
इस पर प्राचार्य ने विद्यार्थी परिषद के कार्यक्रम की अनुमति ऐन वक्त पर निरस्त कर दी। इस पर एबीवीपी के कार्यकर्ता भड़क गए। विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक सुशांत जादौन, निर्मल तिवारी, अंकित, दिलीप सिंह, दीपराज, शिब्बू, लवकुश आदि ने भी हंगामा करना शुरू कर दिया तो सपा छात्रसभा के लोग सामने आ गए। दो छात्र संगठनों के हंगामे के कारण कालेज में अफरातफरी मच गई। तभी कुछ छात्रों ने कालेज के मुख्य गेट में ताला डाल दिया। इस पर कालेज प्रशासन ने पुलिस बुला ली। पुलिस ने जब छात्रों को समझाना चाहा तो वे नारेबाजी करने लगे। इस पर उनकी कहासुनी भी हुई।
इसके बाद पुलिस ने छात्रों को जमीन पर लाठियां पटककर खदेड़ा। कालेज के प्राचार्य डा. आनंद खरे ने बताया कि इस समय कालेज में प्रैक्टिकल एवं शैक्षिक गतिविधियां चल रही हैं। कार्यक्रम को लेकर दो छात्र गुट आपस में भिड़ने लगे थे। तनाव के कारण कार्यक्रम की अनुमति निरस्त की गई। इसके पहले भी कार्यक्रम कैंसिल किए गए हैं। कालेज का पहला काम पढ़ाई है। अलग-अलग गुटों के छात्र आपस में राजनीतिक कारणों के कारण हंगामा कर रहे थे। हंगामे के कारण विद्यार्थी परिषद का कार्यक्रम निरस्त हो गया। इससे नाराज विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता नाराज होकर कालेज के गेट पर ही धरना शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि सपा छात्रसभा के दबाव में ऐन वक्त पर कार्यक्रम निरस्त किया गया है। लेकिन सीओ संतोष कुमार ने जब छात्रों को समझाया तो वे शांत हो गए।