पाता प्लांट दिबियापुर से बड़ोदरा के लिए माल लादकर ले जा रहे ट्रक ड्राइवर की संदिग्ध अवस्था में ट्रक में लाश मिली। मृतक के भाई ने हेल्पर पर जहरीला पदार्थ खिलाकर भाई की हत्या का आरोप लगाया। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम के बाद ही हकीकत सामने आएगी। सोमवार रात मोहल्ला सहावनाका चुंगी नंबर चार पर एक ट्रक खड़ा हुआ था। आसपास के
लोगों ने ट्रक के पास जाकर देखा तो उसमें लाश पड़ी थी। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंचे पुलिस क्षेत्राधिकारी कुलदीप सिंह, कोतवाली प्रभारी राजेंद्र यादव एसआई मनोज गुप्ता, एसआई सलमान अली पुलिस बल के साथ पहुंचे। पुलिस ने मृतक की जामा तलाशी ली तो उससे मिले कागजों से उसकी पहचान अजय बाबू पुत्र सुखदेव सिंह राजपूत निवासी
ग्राम भाल थाना राजपुर कानपुर देहात ट्रक ड्राइवर के रूप में हुई। पुलिस की सूचना पर आए मृतक के बड़े भाई अजब सिह ने कोतवाली में तहरीर देते हुए बताया कि उसका भाई लोबी गांधी कानपुर ट्रंासपोर्ट कंपनी की गाड़ी चलाता था। वह 28 मई को पाता प्लांट दिबियापुर से प्लास्टिक का दाना लाद कर बड़ोदरा जा रहा था। मृतक के पास से आटा व सेमरी झांसी
टोल प्लाजा की पर्ची भी मिली हैं। ट्रक का जालौन की ओर आना किसी साजिश की ओर इशारा कर रहा है। मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि लूट के इरादे से हेल्पर धमेंद्र सिंह निवासी ग्राम मुसमरिया व क्लीनर राघवेंद्र सिंह ने भाई को कोई जहरीला पदार्थ खिलाकर उसकी हत्या कर दी और लाश को ठिकाने लागाने के इरादे से शेरगढ़ घाट जमुना नदी पर ले जा रहे थे,
परंतु रास्ते में ट्रक का पहिया पंचर हो गया। उक्त लोगों ट्रक के पहिए को खोल कर सही करने का भी प्रयास किया लेकिन सफल न होने पर और स्वयं के पकड़े जाने के डर से ट्रक व भाई
की लाश को छोड़ कर भाग गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में पुलिस क्षेत्राधिकारी कुलदीप सिंह का कहना है कि हकीकत शव के पोस्टपार्टम के बाद ही सामने आएगी। जांच में जो दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।