उरई। शहर कोतवाली के मुहल्ला विजयनगर में दंपति व उसके बेटे की हत्या स्मैक के धंधे की वजह से ही की गई है। स्मैक सप्लाई करने वालों से पैसे के लेन देन में ही विवाद होने की आशंका है। इसी के बाद उन लोगों ने तीनों की हत्या कर दी। एएसपी ने बताया कि उसके साथ स्मैक के धंधे में शामिल लोगों की तलाश की जा रही है। इसके अलावा बहू से भी उसका विवाद चल रहा था। पुलिस उस एंगल पर भी जांच कर रही है।
दो साल पहले अभिलाषा को कोतवाली पुलिस ने स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था। मुहल्ले में चर्चा है कि अभिलाषा स्मैक के धंधे से काफी दिनाें से जुड़ी थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि बेटा कार्तिक और पिता सुरेंद्र तिवारी भी स्मैक के लती थे। चर्चा है कि स्मैक के खेप और पैसों की वसूली को लेकर इनकी हत्या की गई है।
बड़ा पुत्र नितिन तिवारी पांच साल पहले आत्महत्या कर चुका है। कुछ दिन तो उसकी पत्नी सास के साथ रही लेकिन इसके बाद वह अपने मायके रहने लगी। मुहल्ले वालाें के मुताबिक नितिन मां के इस धंधे का विरोध करता था लेकिन मां यह धंधा बंद नहीं कर रही थी। इससे उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने जब घर खोला तो वहां 19 और 20 तारीख का अखबार पड़ा मिला। इससे आशंका है कि तीनों हत्या 18 तारीख को की गई थी। मोहल्ले वालों के अनुसार 18 तारीख को दिन में उन्होंने परिवार के लोगों को देखा था। ऐसे में हत्या का समय शाम या देर रात को हो सकता है।
मामा पर है पुलिस को शक
उरई। अभिलाषा का एक मुंह बोला भाई है। वह स्मैक के धंधे का संचालन करता था। वह ही पूरे नेटवर्क को चलाता था। अभिलाषा तो केवल पैसा लगाती थी। इसी बात को लेकर कई बार दोनाें में बहस भी हुई लेकिन बाद में दोनाें साथ ध्ंाधा करने लगे थे। वारदात के बाद से लापता है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
घर में चारों ओर बिखरा था खून
जब पुलिस घर में घुसी तो घर में चाराें ओर खून ही खून बिखरा था। ऐसा लग रहा था कि एक एक कर इन तीनों की हत्या की गई। खून से फर्श सना था। इसके अलावा दीवारों पर भी खून के छींटे थे। बेटे की लाश घर के आंगन में मिली। पुलिस के अनुसार हो सकता है कि पहले इन लोगों को बंधक बनाकर पिटाई की गई हो फिर एक-एक कर तीनों की हत्या कर दी गई। पुलिस जांच में बेटे की हत्या सबसे आखिर में करने की बात सामने आ रही है। उसे आखिर में हत्यारों ने पहले पीटा और फिर उसे आंगन में ले जाकर कुल्हाड़ी सब्बल और हंसिया मारकर मौत के घाट उतार दिया।
फोरेंसिक टीम ने लिया फिंगर प्रिंट
हत्या की सूचना मोहल्ले वालों से मिलने के बाद मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने पहले मकान के आगे और पीछे के दरवाजों पर फिंगर प्रिंट के नमूने लिए। इसके बाद इन दरवाजों को खोला गया। पुलिस के अनुसार फिंगर प्रिंट के नमूनों को अपराधियों के फिंगरप्रिंट से मैच कराया जाएगा। घटना में किसी बड़े अपराधी का हाथ भी हो सकता है। ऐसे में उसे पकड़ना आसान हो जाएगा। इस दौरान पुलिस की अन्य टीमें भी मौके पर पहुंची थी।
हत्या के बाद दरवाजा बंद कर चाबी अंदर फेंक दी
दरवाजा खोलकर अंदर घुसी पुलिस को मौके से कुल्हाड़ी, सब्बल और हंसिया मिला। पुलिस के अनुसार इन हथियारों का इस्तेमाल तीनों हत्याओं मेें किया गया है। मौके पर बाहर लगे ताले की चाबी भी बरामद की गई। पुलिस के अनुसार हो सकता है कि हत्यारों ने हत्या के बाद बाहर से दरवाजा बंद कर चाबी अंदर फेंक दी हो।
रिटायर्ड चपरासी के पास थी करोड़ों की संपत्ति
स्थानीय लोगों में इस बात की भी चर्चा थी कि नगर पालिका का एक साधारण चपरासी था। वह चार साल पहले रिटायर्ड हुआ था। उसके पास इतना आलीशान मकान कहां से आया। इस मकान की कीमत करोड़ों में बताई जा रही है। मकान के अंदर ऐशोआराम की सारी सुविधाएं दिखीं। घर के फर्श पर कोटा स्टोन लगा था। मकान में बनी आलमारी में डेढ़ सौ से ज्यादा मंहगी साड़ियां मिलीं। लोगों का कहना है कि यह संपत्ति स्मैक के काले धंधे से बनाई गई थी।
सर्विलांस टीम ले गई मोबाइल फोन
हत्या की कड़ी सुलझाने के लिए मौके पर पहुंची सर्विलांस टीम ने घटनास्थल पर पड़े दो मोबाइल जब्त कर लिए। पुलिस इन्हें अपने साथ ले गई। पुलिस इन मोबाइल फोन के डेटा को चेक कर रही है। साथ ही इसे किससे बात की गई। अंतिम काल कहां की, किनसे बात की गई आदि की जांच कर सुरागकशी की कोशिश की जा रही है।