महिला आयोग की सदस्य कंचन जायसवाल को घटना की जानकारी देते डीआईजी सुभाष सिंह बघेल।
- फोटो : amar ujala
कुठौंद थाने के जिस गांव में यह घटना हुई, बालिका वहां अपने परिवार के साथ रहती थी। पिता मजदूर करता है। उसने बताया कि बेटी शनिवार शाम घर के बाहर से खेलते समय लापता हो गई थी। अगले दिन सुबह आठ बजे शौच के लिए गई गांव की एक महिला ने घर से करीब पांच सौ मीटर की दूरी पर खेत किनारे नाले में शव देखा। आनन-फानन में पुलिस, फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंच गया। टीम को कुछ पैरों और जूतों के निशान भी मिले। पिता ने बताया कि बच्ची की नजर कमजोर थी, इसलिए उसे स्कूल भी कम भेजता था।
एसपी स्वामी प्रसाद ने बताया कि बच्ची के पिता का गांव के ही मोतीलाल (65) पुत्र भदई और जाहर सिंह (55) पुत्र रामरतन से तीन चार साल पुराना विवाद है। दोनों ने बच्ची के बाबा को कुल्हाड़ी मारकर घायल किया था। जिस पर दोनों पक्षों के खिलाफ मामला भी दर्ज हुआ था। एसपी ने बताया कि बच्ची के पिता ने इन्हीं दोनों पर बेटी की हत्या का आरोप लगाया है। दोनों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने का मामला दर्ज कर पकड़ लिया गया है। पूछताछ की जा रही है। हालांकि, बच्ची के शरीर पर चोट के निशान नहीं हैं। गांव में किसी तरह का तनाव न हो, इसके लिए फोर्स लगा दी है। डीआईजी सुभाष बघेल ने भी परिजनों से बातचीत की।