बीडीसी सदस्य के परिजएसपी आफिस के बाहर मौजूद बीडीसी के परिजन।
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बीडीसी की हत्या के मामले में थाना पुलिस की कार्यप्रणाली से परिजनों में आक्रोश है। बुधवार को परिजन एसपी से मिले। उन्हें बताया कि थाना पुलिस इस मामले में हीलाहवाली कर रही है। उन्हें नावर गांव के जिस लड़के पर शक है, उसे पुलिस ने पूछताछ कर छोड़ दिया है। इतना ही नहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देकर पुलिस हत्या को हादसा साबित करने में जुटी है।
12 मई को छौना गांव के बीडीसी अमर सिंह का शव लिड़ऊपुर नहर में मिला था। नहर से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित पुल पर बाइक खड़ी बताई गई थी। बेटे अजय के मुताबिक बाइक लेकर नावर में रहने वाला विजय सिंह उसी दिन घर आया था। सबसे पहले उसी ने घरवालों को सूचना भी दी थी। पुलिस ने विजय को पूछताछ के लिए हिरासत में तो लिया, लेकिन कुछ घंटों में छोड़ दिया। अब पुलिस कह रही है कि अमर सिंह की मौत डूबने से हुई है और उनके कान और आंख केकड़े खा गए।
अजय का कहना है कि कुछ घंटे पहले ही उसके पिता की मौत हुई थी। उन लोगों ने पिता को नहर से निकाला था तो लग रहा था कि सांस चल रही है। इस पर पिता को लेकर अस्पताल गए, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इससे साफ था कि पिता की मौत शव मिलने के कुछ घंटे पहले ही हुई थी तो फिर केकडे़ दोनों आंखें और एक कान कैसे खा सकते हैं। रामपुरा पुलिस पूरी तरह से मामले में हीलाहवाली कर रही है। एसपी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि हत्या का मामला दर्ज है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखने के बाद वह जांच कराकर उचित कार्रवाई करेंगे।