एसपी के मुताबिक, स्वाट टीम को सटीक सूचना मिली थी कि मंडपम गेस्ट हाउस के पीछे अमित गुप्ता के मकान में जुआड़खाना संचालित हो रहा है। पुलिस को गुरुवार रात सूचना मिली कि जुआरी इकट्ठा हो गए हैं तो तुरंत घेराबंदी कर दबिश दी। पुलिस टीम के मकान में घुसते ही वहां हड़कंप मच गया। कुछ जुआरी छत व बालकनी के रास्ते कूदकर भाग निकले, जबकि 14 जुआरियों को मौके से ही पकड़ लिया गया। एसपी के मुताबिक फड़ से 75 हजार रुपये नगद व जामा तलाशी में करीब चालीस हजार रुपये बरामद हुए है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अमित गुप्ता पिछले काफी दिनों से इलाके में जुआड़खाना चला रहा था। जिसकी वजह से मोहल्ले के लोग भी परेशान थे। कुछ दिन पहले भी कोतवाली पुलिस ने उसे पकड़ा था लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया था। पकड़े गए जुआरियों में अमित गुप्ता पुत्र रामप्रकाश निवासी गांधीनगर के अलावा, जगदीश गुप्ता, ब्रजभान सिंह, रामगुलाम सोनी, विजय वर्मा, राजेश कुमार, पवन कुमार, दिलशाद, मनोज, ब्रजेंद्र उर्फ लल्लन, भोलू तिवारी, दुर्गेश गौतम, मन्नू दुबे सभी निवासी उरई कोतवाली क्षेत्र के हैं। फरार जुआरियों की भी तलाश की जा रही है। पकड़े गए जुआरियों में कुछ व्यापारी व कुछ शातिर चोर भी शामिल है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
200 रुपये प्रति घंटा लेता था नाल
उरई। पुलिस सूत्रों की मानें तो अमित अपने मकान में जुआ खिलाने के एवज में प्रत्येक जुआरी से 200 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से नाल लेता था। जिसमें जुआरियों को सिगरेट, शराब, गुटका आदि की सुविधा भी दी जाती थी।
अन्य जिलों से भी आते थे जुआरी
उरई। सूत्रों ने बताया कि अमित के मकान के बाहर हमेशा दोपहिया व चौपहिया वाहनों का जमावड़ा रहता था। इसमें जनपद के अलावा हमीरपुर व औरैया तक के वाहन खड़े रहते थे। इससे साफ है कि इन जिले के जुआरी भी खेलने आया करते थे।