गामा पुत्र अलीबख्श निवासी पटेल नगर ने वर्ष 1996 में अपने मकान का शर्तिया बैनामा मुमताज अली पुत्र नूरमोहम्मद के नाम किया था। शर्त के मुताबिक समय से पैसा नहीं लौटा पाने पर मकान मुमताज के नाम आ गया था। चूंकि उक्त मकान में पहले से ही किराएदार रह रहे थे, इसलिए किरायेदारों ने किराये का पैसा मुमताज को देना शुरू कर दिया। शुक्रवार को मुमताज अपने लोगों के साथ मकान पर पहुंचा और कुछ निर्माण कराने लगा।
इसे लेकर मकान के दूसरे हिस्से के लोगों से उसका विवाद हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस दो महिलाओं सहित कुछ लोगों को कोतवाली उठा लाई। इस दौरान दो तीन सिपाही वहीं मकान पर ही डटे रहे। इस बीच गामा की बहू ने छत से सिपाहियों पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इससे वहां भगदड़ मच गई। पथराव के दौरान उधर से गुजर रही भाजपा के एक नेता की कार का शीशा टूट गया। पुलिस पर पथराव होते दख आसपास की दुकानें भी बंद होने लगी।
कुछ ही देर में कोतवाली का पूरा फोर्स मौके पर पहुंच गया। महिला सिपाहियों ने बड़ी मुश्किल से गामा की बहू को काबू में किया और पकड़कर कोतवाली ले आई। पुलिस ने दोनों पक्षों के नौ लोगों इरफान पुत्र मुमताज, जावेद पुत्र मुमताज, मुमताज पुत्र नूरमोहम्मद, गामा पुत्र अलीबख्श, सुभानबख्श पुत्र अलीबख्श तथा जफरअली पुत्र अजीजुल व तीन महिलाओं के खिलाफ शांतिभंग में कार्रवाई की है। कोतवाल ने पुलिस पर पथराव की बात से इंकार किया है।