आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक युवा किसान ने मंगलवार की सुबह गांव के बाहर बने तालाब में छलांग लगाकर जान दे दी। सूचना पाकर मौके पर परिजन पहुंचे और गोताखोरों की मदद से शव को तालाब से बाहर निकाला। कोतवाल ने बताया कि परिजनों के अनुसार युवक आर्थिक तंगी से परेशान था। इसलिए उसने ये कदम उठाया। गांव कैथरी निवासी विजय सिंह
राजपूत (33) पुत्र बावूराम का विवाह संतोषी के साथ हुआ था। परिजनाें के मुताबिक करीब एक साल पहले संतोषी ने आग लगाकर जान दे दी थी। इस मामले में मायके वालों ने विजय के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में करीब 15 लाख रुपये लेकर समझौता किया था। इसके बाद से विजय आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। उसकी 20 बीघा
जमीन में भी सूखे के कारण फसल अच्छी नहीं हुई। इससे वह काफी आहत था। परिजनाें के मुताबिक वह मंगलवार की सुबह छह बजे शौच के बहाने घर से निकला और नहीं लौटा। प्रत्यक्षदर्शियाें ने बताया कि विजय ने तालाब में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली है। यह सुनकर परिजन बदहवास हालत में तालाब के पास पहुंचे। सूचना पाकर कोतवाली पुलिस
भी पहुंची। शव का ग्रामीणाें की मदद से बाहर निकाला और आवश्यक कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाल आलोक सक्सेना ने बताया कि युवक पत्नी की मौत के बाद खासा परेशान था और इसलिए उसने जान दे दी।
कलह से तंग अधेड़ ने लगाई फांसी
घर में आएदिन झगड़े से परेशान एक अधेड़ ने मंगलवार सुबह अपना कमरा बंद कर फांसी लगा ली। कोटरा थाना क्षेत्र के गांव ऐंधा निवासी टुंडे बरार(50) शराब का आदी था। इसको लेकर उसका घर में आएदिन झगड़ा होता था। सोमवार की रात को भी उसका बेटे से पैसे को लेकर झगड़ा हो गया। शराब न मिलने से परेशान टुंडे ने अपने कमरे में बंद होकर मंगलवार
की सुबह करीब आठ बजे फांसी लगा ली। वह काफी देर कमरे से नहीं निकला तो परिजनों ने खिड़की से झांक कर देखा तो छत से उसका शव फांसी पर लटक रहा था। सूचना पाकर थाना
पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष एके सिंह ने बताया कि मृतक शराब का लती था और इसी बात को लेकर उसका परिजनाें से झगड़ा होता रहता था। मंगलवार को जब उसे शराब के लिए पैसे नहीं मिले तो उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली ।