कानपुर देहात की जूडीशियल जज प्रतिभा गौतम का शव सोमवार को उनके पैतृक आवास उरई के राजेंद्र नगर लाया गया। शव घर पहुंचते ही परिवार और मोहल्ले के लोगों में कोहराम मच गया। मृतका की बहन नीलम गौतम समेत परिवार के अन्य लोगों ने ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाते हुए पति और ससुर की गिरफ्तारी की मांग की। दोपहर बाद शव को
अंतिम संस्कार के लिए भेज दिया गया। बताते चलें कि प्रतिभा की रविवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। इससे मृतका की मां सदमे में दिखाई दीं। मां प्रेमा देवी बार-बार कुछ कहने की कोशिश करतीं, पर भावातिरेक के चलते शब्दों की जगह उनकी आंखें बरसने लगतीं। डबडबाई आंखों से वे कभी मोहल्ले के लोगों और कभी प्रतिभा की लाश की ओर देखतीं।
मानों कह रही हों कि अब कुछ भी नहीं बचा। बहुत कोशिश करके कहा कि जिन्होंने बेटी की हत्या की है अब सरकार उन्हें (पति व ससुर को) सजा दे। प्रतिभा की बहन नीलम गौतम भी आपे से बाहर दिखीं। उन्होंने कहा कि प्रतिभा की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। यह हत्या से भी बड़ा अपराध है। कहा, यदि कोई परेशानी थी तो (पति
अभिषेक) रास्ता अलग कर सकते थे, पर तोहमत लगाकर उसने परिवार की शह पर प्रतिभा की हत्या कर दी। इसमें ससुर व परिवार के अन्य लोगों की भी संलिप्तता बताई। भाई अजय गौतम ने भी कहा कि बहन प्रतिभा की हत्या की गई है और अब हत्यारों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी बहन शुरू से ही मेधावी रही पर वह गलत लोगों के चंगुल में
फंस गई। इन लोगों ने पहले उससे शादी की और बाद में प्रताड़ित करते करते उसकी जान ही ले ली। उधर, दोपहर बाद प्रतिभा की लाश को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान ले जाया गया जहां बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।
लव मैरिज के खिलाफ थे परिजन
वहीं परिजनों ने बताया कि जब प्रतिभा ने पहली बार बताया कि वह दिल्ली के किसी युवक से प्रेम करती है तो परिजन काफी नाराज हुए थे। प्रतिभा पर परिवार की सहमति से अरेंज मैरिज का दबाव भी बनाया गया लेकिन प्रतिभा नहीं मानी। उसका यह कदम उसे आखिरकार इस स्थिति में ले आया।
शुरू से दृढ़ निश्चयी थी प्रतिभा
मृतका प्रतिभा शुरू से दृढ़ निश्चयी थी। पढ़ने में शुरू से ही अव्वल रहे। नाते रिश्तेदारों में भी उसकी प्रतिभा और दृढ़ निश्चय की चर्चा रहती थी। प्रतिभा के रिश्तेदार कमलेश गौतम ने बताया कि प्रतिभा शुरू से ही जिस काम को ठान लेती थी उसे करके ही मानती थी। लॉ की पढ़ाई के बाद उसने जज बनने की ठानी और बनी भी। इसी तरह परिवार में उसके फैसलों को लेकर परिवार के लोग गर्व महसूस करते थे। हालांकि खुद शादी करने के उसके फैसले से परिवार के लोग कभी खुश नहीं रहे।