बता दें कि सोमवार को कोटरा जा रहे रहे बाइक समेत नहर में गिरे उरई के मोहल्ला सुशील नगर निवासी जितेंद्र कुमार वर्मा (25) पुत्र रामसिंह व चचेरे साले रविंद्र कुमार (25) पुत्र जवाहर सिंह निवासी मोहल्ला इंद्रनगर उरई का 72 घंटे बाद भी कुछ पता नहीं चला है। उनकी तलाश के लिए आसपास के गोताखोरों के अलावा कालपी से भी गोताखोरों को बुलाया गया था। नहर में पानी के तेज बहाव के चलते गोताखोरों ने भी हाथ खड़े कर दिए। मंगलवार की रात जेसीबी से नहर में खुदाई कराई गई, जिससे सुबह जितेंद्र की बाइक गोताखोराें को मिल गई।
इसके बाद गोताखोराें के काफी तलाश करने के बाद भी उन दोनों का कुछ पता नहीं चला। एसडीएम सदर अक्षय त्रिपाठी व सीओ सिटी संतोष कुमार बराबर मौके पर जाकर स्थिति का जायजा ले रहे है। जब यहां के गोताखोरों ने तलाश करने से मना कर दिया तो मैनपुरी जिले के एटा से पीएसी की 43 बटालियन को बुलाया गया। आते ही पीएसी ने स्टीमर के जरिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया।
बुधवार को हालांकि टीम का दायरा नहर के पुल के इर्दगिर्द ही रहा, लेकिन गुरुवार की सुबह होते ही नहर में उतरी टीम ने अपना दायरा बढ़ाते हुए छह किलोमीटर गोरन पुल तक सर्च ऑपरेशन चलाया। इसके बावजूद भी युवकों की तलाश में पीएसी के भी हाथ खाली रहे। टीम बराबर सर्च ऑपरेशन जारी रखे हुए है। वहीं ग्रामीणों की भीड़ भी उनकी किसी न किसी तरह मदद कर रही है। परिजनों की आस भी केवल अब पीएसी के जवानों की मेहनत पर ही टिकी है कि शायद उनके बेटों का पता चल जाए।