उरई (जालौन)। मौरंग माफिया की फायरिंग में गोली लगने से बंधौली गांव निवासी तीन ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में उपचार के दौरान एक की मौत हो गई थी। इस मामले में सिपाही समेत चार आरोपियाें के खिलाफ हत्या व बलवा सहित संगीन धाराआें में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। तीन आरोपियाें ने कोर्ट में समर्पण कर दिया था लेकिन आरोपी सिपाही आठ माह से फरार था। इस पर जज ने कड़ी आपत्ति दर्जकर गैरजमानती वारंट जारी किया और सिपाही के अदालत में हाजिर न होने पर एसपी को तलब किया था। इस पगुरुवार को आरोपी सिपाही ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने उसे चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
डकोर थाना में तैनात सिपाही धर्मेंद्र सिंह पर आरोप था कि उसने क्षेत्र में अवैध मौरंग खनन का धंधा माफिया से मिलकर चला रहा था। इस पर ग्रामीण विरोध करते थे। उनके खेत बंजर हो रहे थे। इसी बात को लेकर ग्रामीणाें व आरोपी सिपाही धर्मेंद्र के बीच कहासुनी हो गई। इस पर सिपाही ने अपने साथियाें के साथ फायरिंग कर दी थी। इसमें बंधौली निवासी लखचंद (22), प्रान सिंह (35) व गजेंद्र सिंह गंभीर रुप से घायल हो गए थे। इस दौरान जमकर आगजनी व पथराव कर दिया था। गंभीर रूप से घायल लखचंद की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में परिजनाें ने सिपाही धर्मेंद्र सहित चार आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तीन आरोपियाें ने कोर्ट में समर्पण कर दिया था जबकि सिपाही आठ माह से फरार था। इस पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए एसपी को ही तलब कर लिया था। अदालत ने थाना पुलिस को गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। गुरुवार को आरोपी सिपाही धर्मेंद्र ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया।