घटना की जानकारी देते सुषमा के बेटे व मायके पक्ष के लोग
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चुर्खी थाना क्षेत्र के ग्राम रिछारा निवासी सुषमा (35) पत्नी सुरेश पाल का शुक्रवार रात पति, सास व देवर से लकड़ी का गट्ठर लाने से इंकार करने पर विवाद हो गया। कहासुनी के बाद अचानक पति सुरेश ने सुषमा को बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। आरोप है कि घर में मौजूद सुषमा की सास गंगादेवी व देवर राकेश पाल ने सुरेश को रोकने की बजाय खुद भी सुषमा को पीटना शुरू कर दिया। फिर मारपीट के बाद उन्होंने सुषमा पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी।
सुषमा की चीख सुनकर कमरे में सो रहे उसके बेटे अंकित (12) व अंकुश (13) की नींद खुल गई। वह दौड़कर बाहर आए तो मां को आग की लपटों के बीच घिरा देखकर बचाने के लिए दौड़े तो सुरेश ने उन दोनों को पकड़कर बाहर कर दिया। इसके बाद दोनों बेटे सूझबूझ का परिचय देते हुए पड़ोसियों से मदद मांगने के लिए दौड़ पड़े।
दोनों बेटों ने पड़ोसियों के दरवाजों की कुंडी खटखटाकर मां को बचाने की प्रार्थना की। बच्चों की इस हालत को देखकर पड़ोसी दौड़ कर घर पहुंचे और किसी तरह आग पर काबू पाया। तब तक सुषमा का पेट बुरी तरह झुलस चुका था। उधर पड़ोसियों के इकट्ठा होते ही पति सुरेश घर से भाग निकला। पड़ोसियों ने घटना की सूचना सुषमा के मायके वालों को दी। सूचना पाकर रिछारा पहुंचे पिता सुंदरलाल व भाई अरविंद सुषमा को लेकर जिला अस्पताल आए, जहां उसका इलाज चल रहा है।
चिकित्सक ने सुषमा की हालत खतरे से बाहर बताई है। वहीं पिता का कहना है कि ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। थानाध्यक्ष का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है, पति पत्नी के बीच विवाद हुआ था। आग से जलने की सूचना नहीं है। न ही किसी ने अभी थाने में तहरीर दी है। तहरीर आने पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।