सीएचसी में उपचार के लिए पहुंचीं छात्राएं।
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इस बा विद्यालय में 100 छात्राएं हैं। बृहस्पतिवार को विद्यालय में मौजूद 82 छात्राओं ने रोज की तरह रात का भोजन किया और सोने चली गईं। शुक्रवार तड़के कुछ के रोने-चिल्लाने की आवाज पर पहुंची स्कूल की रसोइया मांडवी ने वार्डन वंदना को छात्रा शिल्पी, निकिता, नैंसी, रचना, मुस्कान, राधा, शिवानी, मधु, मोहिनी, नाजिश, नेहा, मोनिका, निशा, लवली, काजल, मंगला, राजनंदिनी, ज्योति, आकांक्षा, सृष्टि, अंबिका, रामजानकी, सलोनी, वर्षा, संतोषी, निधि, रिमझिम आदि के पेट दर्द से पीड़ित होने की जानकारी दी। कुछ देर में संख्या और बढ़ी तथा कई को उल्टी-दस्त शुरू हो गए।
भोर में पांच बजे 30 से ज्यादा बीमार छात्राओं को सीएचसी लाया गया। सीएचसी प्रभारी डॉ. आरके शुक्ला ने फूड प्वाइजनिंग का मामला बताते हुए कहा कि भोजन या पानी की गड़बड़ी बीमारी की वजह हो सकती है। शुक्रवार दोपहर एसडीएम सुरेश सोनी ने अस्पताल में छात्राओं का हाल जाना और फिर स्कूल पहुंचकर रसोई का निरीक्षण किया। वार्डन वंदना के मुताबिक बृहस्पतिवार की रात वह स्कूल में नहीं थी। मालूम करने पर पता चला कि भोजन में छात्राओं को रोज की तरह सब्जी-रोटी, फल दिए थे। खाने की गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी। दोपहर बाद हालत सुधरने पर छह से ज्यादा छात्राएं वापस स्कूल शिफ्ट कर दी गईं।