कोंच के एक मंदिर में बाबा हरदौल की मूर्ति तोड़े जाने के बाद तनाव फैल गया। गुस्साए लोगोें ने सड़क पर घंटों जाम लगाया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में कई बार झड़पें हुईं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कई बार खदेड़ा पर वे बार-बार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आगे आते रहे। आस पास के कई थानों की पुलिस और आला
अधिकारियों के पहुंचने से कोंच छावनी सा नजर आया। डीएम समेत आला अधिकारियों के मौके पर पहुंचकर कार्रवाई का भरोसा देकर प्रदर्शनकारियों को शांत कराया।
कोंच कोतवाली के भगत सिंह नगर इलाके के एक मंदिर में रखी लाला हरदौल की मूर्ति को शनिवार देर रात कुछ असामाजिक तत्वों ने तोड़ दिया। समीप के हनुमान मंदिर से दो
सिंहासन (चांदी व पीतल के), चांदी के मुकुट, 1300 रुपये व मंदिर की तमाम सामग्री की चोरी भी हो गई। इन दोनों घटनाओं से स्थानीय लोगों में लोग भड़क गए। इसकी सूचना रात में ही पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों को दी गई तो एसपी एन कोलांचि और अपर पुलिस अधीक्षक शकील अहमद तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने रात में ही मुआयना कर भारी
पुलिस फोर्स बुलवा ली। रविवार की सुबह घटना की खबर आम होते ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। घटना से गुस्साए लोग ‘जय श्रीराम’ और ‘हिंदू एकता जिंदाबाद’ के नारे लगाते हुए नगर के विभिन्न रास्तों पर निकल पड़े। उधर, व्यापारी भी अपनी दुकानें बंद कर काफिले में शामिल हो गए। प्रदर्शनकारी दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और उन्हें कड़ा दंड देने की
मांग कर रहे थे। कई जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों में तीखी झड़पें भी हुईं। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने बीच में बल प्रयोग की कोशिश की तो भीड़ आक्रोशित हो गई। पुलिस से कई बार झड़प हुई। इससे प्रशासनिक अधिकारी बैक फुट पर आते दिखे।
गिरफ्तारी को चौबीस घंटे का अल्टीमेटम
प्रदर्शनकारी डीएम और एसपी के आश्वासन के बाद शांत जरूर हो गए लेकिन उन्होंने चौबीस घंटे के भीतर मामले के पर्दाफाश और दोषियों की गिरफ्तारी का अल्टीमेटम दिया। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम संजय कुमार सिंह व सीओ मनोज कुमार गुप्त को ज्ञापन भी दिया। ज्ञापन में पांच सितंबर 2015 की उस घटना का भी उल्लेख किया गया जिसमें वर्ग विशेष
की दुकानें उपद्रवियों द्वारा लूटी गई थीं और ढाई सौ लोगों के खिलाफ डकैती की शिकायत भी दर्ज कराई गई थी। कहा कि इस मामले में भी अब तक पुलिस ने एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। ज्ञापन देने वालों में ओमनारायण मिश्रा, शैलेष सोनी, सुशील दूरवार, आशुतोष रावत, सौरभकुमार मिश्रा, पवन गौतम, दीपक मिश्रा, रामराजा निरंजन, दंगल
यादव, ललित वर्मा, शिवम यादव, दीपू यादव, मोनू यादव, हरनाम कुशवाहा, छोटे ठाकुर आदि शामिल रहे। बजरंग दल के ब्लॉक संयोजक शिवी यादव, नगर संयोजक अनुरूद्घ खरे, ऋषि अग्रवाल, दीपक कुशवाहा, अर्पित गुप्ता, नमन गुप्ता, सौरभ यादव, शिवम, मिलन गुर्जर आदि ने अलग से एक ज्ञापन देकर अभियुक्तों की गिरफ्तारी की मांग की। वहीं रेलवे
क्रासिंग पर एक अलग गुट ने टायरों को रेल ट्रैक पर डाल कर उनमें आग लगा दी और रेलवे आवागमन को भी बाधित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस वहां पहुंची और रेलवे ट्रैक पर जल रही आग बुझाकर अवरोधक हटाया। इस दौरान फायर ब्रिगेड को भी बुला लिया गया जिसने ट्रैक साफ किया। इस दौरान कोतवाली प्रभारी रवीन्द्रकुमार त्रिपाठी, दरोगा जयवीर
सिंह, उदयपाल सिंह, राजवीर सिंह, राजेन्द्रप्रसाद द्विवेदी, नदीगांव एसओ मिथलेश सिंह, गोहन एसओ हेमंत गौड़, एट एसओ वीरेन्द्रसिंह, जाकिर हुसैन, रेंढर एसओ देवेन्द्रकुमार द्विवेदी, दरोगा दयाशंकर सिंह, सर्विलांस टीम के शोयेब आलम के अलावा डेढ सेक्शन पीएसी, पुलिस रेडियो अनुरक्षण मोबाहल, क्यूआरटी मोबाइल के लोग मौजूद रहे।
दोषियों पर लगेगी रासुका-डीएम
कोंच। बवाल पर जिले के आला अधिकारी भी कोंच पहुंचे। डीएम व एसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद हनुमान मंदिर के पुजारी से पूछताछ की। पुजारी ने बताया कि यहां शाम को शराबियों का जमावड़ा लगा था। हो सकता है कि चोरी और मूर्ति तोड़ने में उन्हीं का हाथ हो। बाद में अधिकारियों ने तहसील सभागार में जनता के प्रतिनिधियों से बातचीत की।
आरएसएस के नगर कार्यवाह शैलेश सोनी ने कहा कि 5 सितंबर की घटना के अभियुक्त अभी भी नहीं पकड़े जा सके हैं और एक वर्ग विशेष को प्रशासन संरक्षण दे रहा है। इससे दूसरे वर्ग की भावनाएं आहत हैं। हर बार आश्वासनों की घुट्टी पिलाई जाती है। डीएम ने आश्वस्त किया कि इस मामले में शीघ्र ही दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा और उन पर रासुका लगाई
जाएगी। यह भी भरोसा दिया कि प्रशासन पालिका के सहयोग से सुंदर मूर्ति जल्दी ही लगवाएगा। एसपी ने भी कहा कि किसी को बख्शा नहीं जाएगा और पुलिस अपना काम करेगी लेकिन जनता के लोग भी इसमें मदद करें। इस दौरान सांसद प्रतिनिधि अनुरूद्घ मिश्रा, शहर काजी बशीरउद्दीन, कांग्रेस अध्यक्ष प्रभूदयाल गौतम, सपा नेता सरनामसिंह यादव, चौधरी जगजीवन राम अमीटा आदि मौजूद रहे।
लाला हरदौल ही क्यों ?
कोंच के लोग यहां की घटना की तुलना पिछले दिनों कालपी में घटी घटना से कर रहे हैं। कालपी में भी लाला हरदौल के स्थान को क्षति पहुंचई गई थी और प्रशासन को मुश्किलों से गुजरना पड़ा था। शनिवार को भी कोंच में लाला हरदौल को ही मूर्ति को निशाना बनाया गया। इससे इस बात को बल मिलने लगा है कि हो न हो किसी षड़यंत्र के तहत ही इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है।